Home ट्रेंडिंग बिहार में चीनी उद्योग का होगा विकास, गन्ने का रकबा बढ़ाने का...

बिहार में चीनी उद्योग का होगा विकास, गन्ने का रकबा बढ़ाने का सरकार ने सेट किया टारगेट

38
0
Jeevan Ayurveda

पटना.

बिहार में 34 नई चीनी मिलों को चलाने को लेकर तैयारिया तेजी से सुनिश्चित की जा रही है। इसको देखते हुए गन्ना उद्योग विभाग ने बिहार में गन्ने की खेती का विस्तार करने की तैयारी में जुट गया है। राज्य में एक करोड़ रोजगार सृजित करने की दिशा में राज्य सरकार ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी के तहत राज्य में बंद नौ चीनी मिलों को चालू कराने के साथ ही 25 नई चीनी मिलों की स्थापना कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

Ad

इसके लिए गन्ना उद्योग विभाग ने नई चीनी मिलों की स्थापना को देखते हुए संबंधित जिलों में पांच-पांच हजार हेक्टेयर में गन्ना की खेती का विस्तार करने का निर्णय लिया है, जिससे कि नई चीनी मिलों के साथ ही वर्तमान में कार्यरत चीनी मिलों को पर्याप्त मात्रा में गन्ना उपलब्ध हो सकें।
ऐसे में पौने दो लाख हेक्टेयर में गन्ने की खेती का रकबा बढ़ाने की तैयारी सरकार कर रही है। वर्तमान में लगभग 2.50 लाख हेक्यरेटर में गन्ने की खेती हो रही है। विदित हो कि सात निश्चय तीन के तहत राज्य में बंद पड़ी नौ चीनी मिलों को चालू कराने के साथ ही 25 नई चीनी मिलों की स्थापना कराने के प्रयास में सरकार जुटी है। इसको देखते हुए गन्ना उद्योग विभाग ने बिहार में गन्ने की खेती का विस्तार करने की तैयारी में जुट गया है। इसके लिए संबंधित जिले के अधिकारियों को पत्र लिखकर कार्य योजना उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।

जिलों से मांगी गई कार्य योजना
विभाग ने गन्ने की खेती का विस्तार करने के लिए बगहा, बेतिया, मोतिहारी, समस्तीपुर, सीतामढ़ी एवं सिवान के सहायक निदेशक और सभी चीनी मिलों कें महाप्रबंधकों के पास पत्र भेजकर शीघ्र कार्य योजना उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। ताकि निर्धारित लक्ष्य के अनुसार गन्ना क्षेत्र का विस्तार करने की कार्रवाई शुरू की जा सके।

जिलाधिकारियों को भूमि चयन के निर्देश
गन्ना उद्योग विभाग ने बिहार में नई चीनी मिलों की स्थापना के लिए 25 जिलों में भूमि चिह्नित करने के लिए संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है। प्रत्येक चीनी मिल के लिए एक सौ एकड़ भूमि की आवश्यकता है। बताया जाता है कि अधिकांश जिलों में नई चीनी मिल के लिए भूमि चयन कर लिया गया है।

गांव आरक्षित करने की प्रक्रिया शुरू
गन्ना उद्योग विभाग से जारी पत्र के अनुसार सकरी मिल के लिए मधुबनी जिले के अंधराथाढ़ी, बबुरही, घोघाडीहा, झंझारपुर, लडनिया, लखनउर, लौकहा, लौकही, माधेपुर, पंडौर, फुलपरास और राजनगर प्रखंड के कुल 686 गांवों को सम्मिलित किया गया है। वहीं दरभंगा जिले के बरही, मनिगांछी, टारडीह, अलिनगर, बेनीपुर, बिरौल, धनश्यामपुर, गौरा बउराम, किरातपुर, कुशेश्वरस्थान, कुशेश्वरस्थान पूर्वी तथा दरभंगा प्रखंड के कुल 580 गांवों को चिह्नित किए गए हैं। रैयाम चीनी मिल के लिए दरभंगा जिले के बहादुरपुर, हायाघाट, हनुमाननगर, जाले, सिंघवारा और कोइरी प्रखंड के 580 गांवों को सम्मिलित किया गया है। वहीं, मधुबनी जिले के बासोपट्टी, बेनीपट्टी, बिस्फी, हरलाखी, जयनगर, कलुहीं, खजौली, रहिका एवं माधवापुर प्रखंड के कुल 438 गांव चिह्नित किए गए हैं।

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here