उत्तर प्रदेश

24 घंटे में नोएडा में 6 लोगों ने खत्म की अपनी जीवन लीला, पुलिस ने मानसिक तनाव को ठहराया जिम्मेदार

लखनऊ 
उत्तर प्रदेश के हाईटेक शहर नोएडा को एक ही दिन में 6 आत्महत्याओं ने हिलाकर रख दिया है और इन मामलों में सबसे बड़ा कारण मानसिक तनाव बताया जा रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक, 5 अक्टूबर को नोएडा में रहने वाले 6 लोगों ने मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या कर ली। पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की मीडिया सेल से मिली जानकारी के अनुसार, थाना बीटा-2 क्षेत्र में रहने वाले जगबीर सिंह राठी (50) ने गामा-वन के पास एक पेड़ से फांसी लगा ली। वह एक बिजनेसमैन थे और उनकी आत्महत्या का कारण पारिवारिक विवाद बताया जा रहा है।

24 घंटे में नोएडा में 6 लोगों ने खत्म की अपनी जीवन लीला
मिली जानकारी के मुताबिक, दूसरे मामले में बादलपुर थाना क्षेत्र में रहने वाली 22 वर्षीय महिला शिवानी ने मानसिक तनाव के कारण अपने घर पर पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। तीसरी घटना में थाना फेस-वन क्षेत्र में रहने वाली 17 वर्षीय ललिता ने फिर से मानसिक तनाव के चलते अपने घर में पंखे से फंदा लगा लिया। चौथे मामले में थाना जारचा क्षेत्र में रहने वाले जितेंद्र उर्फ जीतू ने अपने घर में पंखे से लटक कर जान दे दी, फिर मानसिक तनाव को कारण बताया गया। पांचवी घटना में थाना सेक्टर 24 क्षेत्र के सेक्टर 54 के पास एक 20 वर्षीय अज्ञात व्यक्ति ने तनाव के कारण पेड़ की शाखा से लटक कर आत्महत्या कर ली। छठे मामले में कासना क्षेत्र में रहने वाले युवक सोनू उम्र 21 वर्ष ने मानसिक तनाव के चलते जहर खा लिया।

पुलिस ने मानसिक तनाव को ठहराया जिम्मेदार
पुलिस की ओर से मौत के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन अब तक जितने भी मामले सामने आए हैं, उनमें मानसिक रूप से परेशान लोगों ने ही आत्मघाती कदम उठाया है। इससे पहले 25 सितंबर को एक तलाकशुदा जोड़े के शव उनके फ्लैट में पाए गए थे। दोनों ने आत्महत्या कर ली थी। उनके पास जहर वाली दवाइयों की खाली बोतलें और एक सुसाइड नोट मिला। 19 सितंबर को एक लड़की ने मेट्रो ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। यह घटना नोएडा के सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन पर सुबह करीब 9.30 बजे हुई और लड़की ने अपना एक हाथ खो दिया। 12 सितंबर को एक मानसिक रूप से बीमार महिला ने एक हाईराइज सोसायटी की 17वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली।

युवाओं में बढ़ रहे आत्महत्या के मामले
नोएडा आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एनके शर्मा ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि एकल परिवारों और पश्चिमी संस्कृति के कारण खासकर युवाओं में आत्महत्या के मामले बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज के युवा और बच्चे हर चीज़ तुरंत चाहते हैं। जब वे उदास हो जाते हैं या किसी बुरी स्थिति में होते हैं तो अपने आस-पास के लोगों से इसका जिक्र नहीं कर पाते हैं। इसीलिए आत्महत्या करने वाले युवाओं की संख्या बढ़ रही है। उनके मुताबिक ज्यादातर आत्महत्या के मामलों में एक चीज जो देखने को मिलती है वो है व्यक्ति का अकेलापन। आज जो भी व्यक्ति तनावग्रस्त या मानसिक रूप से परेशान है, उसकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है, न तो किसी को उनकी परेशानी के बारे में पता है और न ही कोई उनका हाल-चाल पूछता है।

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