बिहार

प्रदेश के 8.95 लाख गरीबों को छह माह से नहीं मिली चीनी, जानें कहां फंसा है पेंच

रांची

झारखंड के 8.95 लाख गरीबों की थाली से मिठास गायब है. इन्हें छह माह से चीनी नहीं मिल पायी है. दुर्गापूजा में इन्हें चीनी मिलने की उम्मीद नहीं है. ‘राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम’ से जुड़े अंत्योदय परिवारों को प्रति परिवार एक किलोग्राम चीनी अनुदानित दर पर उपलब्ध करायी जाती है. वर्तमान में इस योजना का संचालन रिवॉल्विंग फंड से किया जा रहा है. झारखंड राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम लिमिटेड (जेएसएफसी) की ओर से अप्रैल 2023 से चीनी खरीद के लिए निविदा निकाली गयी थी.

इसके लिए कंपनी का चयन भी कर लिया गया था. इसी बीच चीनी का बाजार मूल्य बढ़ गया. इसके बाद सप्लायर कंपनी ने जेएसएफसी के साथ एग्रीमेंट ही नहीं किया. इसके बाद विभाग की ओर से संबंधित कंपनी को ब्लैक लिस्टेड करते अग्रिम राशि को जब्त कर लिया. अब जेएसएफसी की ओर से सेकेंड क्वार्टर की चीनी खरीद को लेकर निविदा निकाली है. इसकी प्रक्रिया पूरी होने में कम से कम एक माह का समय लगेगा. ऐसे में गरीबों को अक्तूबर माह में चीनी मिलने की संभावना कम है.

27 हजार क्विंटल चीनी खरीद को लेकर फिर निकली निविदा :

जेएसएफसी की ओर से जुलाई से सितंबर के लिए चीनी खरीद को लेकर जीइएम पोर्टल से निविदा निकाली गयी है. 16 अक्तूबर तक निविदा डालने की अंतिम तिथि तय की गयी है. गरीबों के बीच चीनी वितरण को लेकर लगभग 27 हजार क्विंटल चीनी की खरीद की जायेगी. पलामू प्रमंडल के लिए 2701 क्विंटल, उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के लिए 7,527 क्विंटल, दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के लिए 5,959 क्विंटल, कोल्हान प्रमंडल के लिए 5557 क्विंटल और संताल परगना प्रमंडल के लिए 5069 क्विंटल चीनी की खरीद की जायेगी.

राशन डीलरों से लिया था तीन माह का एडवांस :

अंत्योदय परिवार में चीनी वितरण को लेकर जेएसएफसी की ओर से अप्रैल से लेकर जून के लिए तीन का एडवांस लिया गया था, लेकिन सप्लायर कंपनी की ओर से एग्रीमेंट नहीं होने की वजह से इन्हें चीनी नहीं मिली.

एल वन होने के बाद सप्लायर कंपनी जेएसएफसी के साथ एग्रीमेंट करने नही आयी. कंपनी को ब्लैक लिस्ट करते हुए अग्रिम धन राशि जब्त कर ली गयी है. अब नये सिरे से टेंडर निकाला गया है.

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