भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि समाधान योजना से प्रदेश के 90 लाख से अधिक नागरिकों को लाभ होगा। यह योजना उन उपभोक्ताओं के लिए राहत का द्वार खोल रही है, जो किसी कारणवश समय पर अपने बिजली बिल नहीं भर पाए। इस योजना में तीन माह या उससे अधिक समय से बिल बकाया रखने वाले घरेलू, गैर घरेलू ,कृषि तथा औद्योगिक उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत तक सरचार्ज में छूट प्रदान की जाएगी। योजना से बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिलने के साथ ही राज्य की बिजली व्यवस्था भी सुदृढ़ होगी। इस कदम से जनता का भरोसा और शासन की पारदर्शिता एक साथ बढ़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रिमोट का बटन दबाकर समाधान योजना की शुरूआत की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पॉवर मैनेजमेंट कंपनी का नया भवन, कंपनियों के प्रबंधन और कार्य क्षमता में वृद्धि में सहायक होगा। नए भवन से ऊर्जा प्रबंधन और जन सामान्य से बेहतर समन्वय में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समाधान योजना के शुभारंभ और एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के भवन के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की ऑल राउंडर महिला क्रिकेट खिलाड़ी क्रांति गौड़ को एक करोड़ रुपए प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को एमपी पॉवर मैनेजमेंट कम्पनी क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया।
आमजन की समस्याओं का त्वरित निराकरण कर दें संवेदनशीलता का परिचय
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि "समाधान योजना' 2025-26" से प्रदेश के 90 लाख उपभोक्ताओं का 3 हजार करोड़ रुपये से अधिक बिजली बिल पर सरचार्ज माफ किया जा रहा है। समाधान योजना में 3 माह तक का सरचार्ज रखने वाले उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत सरचार्ज छूट का लाभ मिलेगा। ऊर्जा विभाग के सोमवार को लोकार्पित भव्य भवन से विभाग में कार्यरत तीनों कंपनियों के संचालन के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह नया भवन ऊर्जा प्रबंधन, तकनीकी नवाचार और जनसेवा का केन्द्र बनेगा। किसानों को सिंचाई के लिए निर्बाध 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के लिए सरकार संकल्पित है। आशा है विभागीय अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधियों से सतत् संवाद और आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण से अपनी संवेदनशीलता का परिचय देंगे।
वर्ष 2030 तक 50 प्रतिशत ऊर्जा खपत नवकरणीय स्त्रोतों से पूर्ण करने का है हमारा लक्ष्य
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार "सबके लिए रोशनी-सबके लिए प्रगति'' का ध्येय लेकर प्रदेश में गतिविधियां संचालित कर रही है। खेत हो या कारखाने, शहर हो या गांव हर घर में रोशनी इसका प्रमाण है। ऊर्जा विभाग से वर्ष 2024-25 में लगभग 35 लाख से अधिक किसानों को 18 हजार करोड़ रूपए से अधिक की बिजली सब्सिडी दी गई। राज्य सरकार ने विभिन्न नीतिगत निर्णयों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा और सतत् विकास को प्राथमिकता दी। इंडस्ट्रियल प्रमोशन पॉलिसी, रिन्यूबल एनर्जी पॉलिसी 2025 और पंप हाइड्रो पॉलिसी-2025 के अंतर्गत औद्योगिक निवेश के लिए कई आकर्षक प्रोत्साहन दिए गए हैं। राज्य में 62 गीगावाट सौर, 11 गीगावाट पवन, 4 गीगावाट बॉयोमास और 820 मेगावाट लघु जल विद्युत की क्षमता है। हमारा लक्ष्य 2030 तक 50 प्रतिशत ऊर्जा खपत नवकरणीय स्त्रोतों से पूर्ण करने का है। मुरैना में विकसित हो रही प्रदेश की पहली सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना में 2.70 रूपये प्रति यूनिट बिजली अब तक की सबसे कम टैरिफ दर पर प्राप्त हुई है। यह अपने-आप में रिकार्ड है।
शुभ है स्थापना दिवस उत्सव के दौरान समाधान योजना का आरंभ होना
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में तीन दिवसीय स्थापना दिवस महोत्सव मनाया जा रहा है। इस दौरान समाधान योजना का शुभारंभ और नए भवन का लोकार्पण शुभ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य केन्द्रित महानाट्य प्रदेश के गौरवशाली अतीत की झलक प्रस्तुत करता है। उन्होंने भोपाल के लाल परेड ग्राउंड पर प्रदेश के इतिहास, संस्कृति और प्रगति पर केन्द्रित प्रदर्शनियों और आयोजनों में सहभागी होने का उपस्थित जनसमुदाय से आह्वान किया।
समाज के अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक बिजली पहुंचाना है हमारा लक्ष्य : ऊर्जा मंत्री श्री तोमर
ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में सभी स्तर पर ऊर्जा उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। हम अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति की सुविधा को देखते हुए कार्य कर रहे हैं। आज आरंभ हुई समाधान योजना सुशासन और संवेदनशीलता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा विभाग से संबंधित प्रस्तावों को डॉ. यादव ने सहजता से स्वीकार किया। मंत्री श्री तोमर ने कहा कि अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक योजना का लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जायेगा। कार्यक्रम में समाधान योजना पर लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।
समाधान योजना 2025-26 : एक नजर में
समाधान योजना 2025-26 का उद्देश्य 3 माह से अधिक अवधि के उपभोक्ताओं को बकाया विलंबित भुगतान के सरचार्ज पर छूट प्रदान करना है। यह योजना "जल्दी आएं, एकमुश्त भुगतान कर ज्यादा लाभ पाएं'' के सिद्धांत पर आधारित है। इस योजना में उपभोक्ता को प्रथम चरण में एकमुश्त भुगतान करने पर सबसे अधिक लाभ होगा जबकि द्वितीय चरण के दौरान छूट का प्रतिशत क्रमशः कम होता जाएगा।
समाधान योजना दो चरणों में चलेगी। प्रथम चरण 3 नवंबर से 31 दिसंबर 2025 तक होगा, जिसमें 60 से लेकर 100 प्रतिशत तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। इसी तरह द्वितीय और अंतिम चरण में यह योजना एक जनवरी से 28 फरवरी 2026 तक लागू रहेगी। इसमें 50 से 90 फ़ीसदी तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। प्रथम चरण में एकमुश्त राशि जमा कराने पर अधिकतम लाभ होगा। समाधान योजना 2025-26 का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को विद्युत वितरण कंपनियों यथा म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी भोपाल हेतु portal.mpcz.in, म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी जबलपुर हेतु https://www.mpez.co.in/ एवं म.प्र.पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर हेतु https://www.mpez.co.in/ पर पंजीयन कराना होगा। पंजीयन के दौरान अलग-अलग उपभोक्ता श्रेणी के लिए पंजीयन राशि निर्धारित की गई है।
घरेलू एवं कृषि उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत तथा गैर घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 25 प्रतिशत भुगतान कर पंजीयन कराकर योजना में शामिल होकर लाभ उठा सकते हैं। विस्तृत विवरण तीनों कंपनियों की वेबसाइटों पर भी देखा जा सकता है। साथ ही विद्युत वितरण केंद्र में पहुंचकर भी योजना के संबंध में जानकारी ले सकते हैं।
छूट का विवरण
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क्र. |
उपभोक्ता श्रेणी |
शेष बकाया राशि का भुगतान करने के विकल्प |
बकाया विलम्बित भुगतान अधिभार (संचयी) में छूट (प्रतिशत में) |
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3 नवंबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक (प्रथम चरण) |
1 जनवरी 2026 से 28 फ़रवरी 2026 तक (द्वितीय एवं अन्तिम चरण) |
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1. एल.वी.-1 (घरेलू- स्थाई एवं अस्थाई संयोजन), एल.वी.-5(कृषि), एच.वी-5 (केवल कृषि), |
एकमुश्त भुगतान |
100% |
90% |
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6 किश्तों में भुगतान |
70% |
60% |
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एल.वी-2 (गैर-घरेलू), एल.वी.-4 (LT औद्योगिक), एच.वी.-3 & 4(HT औद्योगिक), |
एकमुश्त भुगतान |
80% |
70% |
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6 किश्तों में भुगतान |
60% |
50% |
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योजनांतर्गत छूट प्राप्त करने की प्रक्रिया
योजना के अंतर्गत उपभोक्ता के पास बकाया राशि का एकमुश्त अथवा किश्तों में भुगतान करने का विकल्प रहेगा। किश्तों में भुगतान करने हेतु उपभोक्ता को पंजीकरण कराना होगा। बकाया विलम्बित भुगतान अधिभार (संचयी) की छूट का लाभ पाने हेतु एकमुश्त भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को छूट की राशि को घटाते हुए पूर्ण भुगतान करना होगा। किश्तों में भुगतान करने का विकल्प चुनने वाले उपभोक्ता द्वारा निर्धारित पंजीकरण राशि जमा कर, पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण हेतु उपभोक्ता को वितरण केन्द्र/अनुविभागीय कार्यालय में संपर्क कर, छूट तथा किश्तों की राशि का निर्धारण कराना होगा। पंजीकरण कराते समय उपभोक्ता को संपर्क हेतु मोबाईल नम्बर देना होगा, जिससे भविष्य में आवश्यकता होने पर उपभोक्ता से सम्पर्क किया जा सके। पंजीकरण के बाद उपभोक्ता द्वारा शेष बकाया धनराशि का एकमुश्त अथवा किश्तों में भुगतान विद्युत वितरण कंपनियों के प्रचलित भुगतान माध्यमों से किया जा सकेगा।
योजना में शामिल होने के बाद डिफाल्टर होने पर लाभ से होंगे वंचित
किश्तों में भुगतान करने के लिये पंजीकृत उपभोक्ता द्वारा प्रथम बार यदि किसी भी किश्त का निर्धारित नियत तिथि तक भुगतान नहीं किया जाता है, तो उसे विलम्बित हुई किश्त की राशि के साथ, उसी राशि पर विलम्बित अधिभार का भुगतान, आगामी किश्त की तिथि के पूर्व करना होगा। यदि किसी उपभोक्ता द्वारा 2 किश्तों का भुगतान, दूसरी किश्त की निर्धारित नियत तिथि तक नही किया जाता है, तो ऐसे उपभोक्ता को डिफाल्टर माना जायेगा। डिफाल्टर होने पर योजना के लाभ से वंचित कर दिया जायेगा। बकाया विलम्बित भुगतान अधिभार में दी गयी छूट व डिफाल्टर होने तक की अवधि तक का अतिरिक्त विलम्बित भुगतान अधिभार यदि देय हो तो विद्युत बिल में जोड़ दिया जायेगा, जो उपभोक्ता को भुगतान करना होगा। ऐसे उपभोक्ता का कनेक्शन विच्छेदित कर नियमानुसार वसूली की कार्रवाई की जावेगी।
किश्तों के भुगतान हेतु नियत तिथि
पंजीकरण कराने के बाद प्रथम किश्त का भुगतान, आगामी विद्युत बिल की नियत तिथि तक सुनिश्चित करना होगा। कृषि उपभोक्ताओं द्वारा किश्तों के भुगतान के लिये नियत तिथि, प्रत्येक माह की अन्तिम कार्यालयीन दिवस रहेगी। प्रथम किश्त का भुगतान करने के पश्चात, उपभोक्ता को शेष किश्तों का भुगतान उनके आगामी मासिक बिजली बिलों की नियत तिथि तक ही सुनिश्चित करना होगा। विद्युत बिल में बकाया राशि होने के कारण, उपभोक्ता द्वारा किये गये किश्तों के अग्रिम भुगतान पर किसी प्रकार की अग्रिम भुगतान छूट देय नहीं होगी।
योजना के अन्य नियम व शर्ते
उपभोक्ता की जानकारी के लिए पंजीकरण रसीद के साथ सम्भावित छूट की धनराशि एवं किश्तों/बकाया धनराशि का एकमुश्त भुगतान करने के लिए नियत तिथियों की तालिका प्रदर्शित की जायेगी। शेष बकाया विद्युत बिल का पूर्ण भुगतान होने पर आगामी देयक में उपभोक्ता को विलंबित अधिभार में दी गई छूट को दर्शाया जायेगा। यदि किसी उपभोक्ता के देयकों में ऑडिट रिकवरी अथवा विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 126 एवं 135 के अंतर्गत बिल की गयी राशि जुड़ी हुई हो तो, इस राशि का पूर्ण भुगतान करने के बाद ही शेष बकाया राशि पर योजना का लाभ लेने हेतु उपभोक्ता पात्र होगा। ऐसे उपभोक्ता भी योजना के पात्र होंगे, जिनके विरूद्ध ड्युस रिकवरी एक्ट (DRA) के अन्तर्गत आर.आर.सी. जारी की जा चुकी है। ऐसे प्रकरणों में नियमानुसार देय चार्जेस का भी भुगतान करना अनिवार्य होगा।





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