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साहिबगंज: दलहन आत्मनिर्भरता मिशन से किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ

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साहिबगंज

 केंद्र सरकार दलहन की खेती को बढ़ावा देगी। इसके तहत खेती करने वाले किसानों को प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। यह 1800 रुपये प्रति क्विंटल से लेकर 4500 रुपये प्रति क्विंटल तक होगी। केंद्र सरकार ने दाल की आयात पर निर्भरता को देखते हुए दलहन आत्मनिर्भरता मिशन का शुभारंभ किया है। यह अभियान 2030-2031 तक चलेगा।

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इन छह वर्षो में केंद्र सरकार 11440 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इस दौरान किसानों को उच्च उत्पादन के लिए आधार बीज दिए जाएंगे। किसानों को जागरूक व प्रशिक्षण देकर अधिक से अधिक खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिला कृषि विभाग, केवीके, बीज मुहैया कराने वाली कंपनी ने बैठक कर लक्ष्य निर्धारित किया है।

इस अभियान के तहत केंद्र सरकार प्रति हैक्टेयर दलहन के लिए तीन हजार से लेकर 4500 रुपये तक प्रोत्साहन राशि देगी। सरकार किसान के बीज पर टैग लगाकर खरीदेगी या किसान चाहें सरकार का टैग मिलने के बाद बाजार में बेच सकते हैं।

मॉनिटरिंग टीम जांच करेगी:
किसानों को आधार बीज (फाउंडेशन सीड) उपलब्ध कराने के बाद कृषि विभाग की मॉनिटरिंग टीम किसानों के खेत में जाकर जांच करेगी। इस दौरान फसल की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। यदि किसान का बीज मानक के अनुरूप हुआ तो विभाग किसान को मदद करेगी। साथी पोर्टल पर निबंधन कराना होगा। गुणवत्तापूर्ण बीज होने पर सरकार भी उसे खरीद लेगी।

खरीदे हुए दलहन का एमएसपी के दरों पर भुगतान भी करेगी साथ ही अलग से प्रोत्साहन राशि भी देगी। किसान चाहे तो खुले बाजार में अपनी फसल को बेच भी सकते हैं।

किस दाल में कितना लक्ष्य:
जिले में अरहर, केलाई, मूंग, चना, मसूर आदि की खेती होती है। कृषि विभाग ने 2026-2027 में 40 क्विंटल अरहर उत्पादन का लक्ष्य रखा है। इसमें प्रति क्विंटल किसान को 4500 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए चार हेक्टेयर भूमि की जरूरत पड़ेगी। इसी तरह 20 हेक्टेयर में उड़द या केलाई को लगाने का लक्ष्य रखा गया है।

इसमें प्रति क्विंटल तीन हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। 10 हेक्टेयर में मूंग की खेती का लक्ष्य है। इसमें प्रति क्विंटल तीन हजार रुपये दिया जाएगा। 220 क्विंटल चना के उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें प्रति क्विंटल 1800 रुपये सरकार प्रोत्साहन राशि देगी।

90 क्विंटल मसूर के उत्पादन का लक्ष्य है। इसमें प्रति क्विंटल तीन हजार रुपये दिया जाएगा। 28 क्विंटल रागी उत्पादन का लक्ष्य है। प्रति क्विंटल तीन हजार रुपये दिया जाएगा
 
दलहन आत्मनिर्भरता मिशन का शुभारंभ केंद्र सरकार ने किया है। पल्स मिशन कृषि निदेशालय, झारखंड रांची के आदेशानुसार दलहन के क्षेत्र में झारखंड भी आत्मनिर्भर बने इस दिशा में लक्ष्य निर्धारित किया गया है। किसानों को अधिक से अधिक जागरूक कर उत्पादन कराया जाएगा। सरकार दो तरह से किसान की आय बढ़ाने जा रही है। 50 फीसद अनुदान पर आधार बीज मुहैया कराएगी साथ ही किसान का बीज भी खरीदेगी और अलग से प्रोत्साहन राशि भी देगी। किसान भाईयों से अनुरोध है कि कृषि कार्यालय आकर संपर्क करे और दलहन की खेती करें। – प्रमोद एक्का, जिला कृषि पदाधिकारी, साहिबगंज

 

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