रांची
झारखंड में 30 जून से शुरू होनेवाले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR ) के तहत सूची से नाम कटने को लेकर डरने की कोई बात नहीं है। बीएलओ से लेकर SIR में लगे ऊपर तक कोई पदाधिकारी किसी मतदाता का गलत ढंग से मतदाता सूची से नाम हटा नहीं सकता।
SIR को लेकर लागू सिस्टम इतना भरोसेमंद है कि किसी भी स्तर पर गलत ढंग से नाम कटने या जुड़ने की कोई संभावना नहीं है। साथ ही इस प्रक्रिया के दौरान लोगों को नोटिस का जवाब देने, यहां तक कि अपील करने का भी पूरा मौका मिलेगा।
राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने गुरुवार को धुर्वा स्थित निर्वाचन सदन में आयोजित मीडिया उन्मुखीकरण कार्यक्रम में SIR को लेकर उत्पन्न होनेवाली हर भ्रांति को दूर किया।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के अनुसार, SIR में सबसे महत्वपूर्ण राज्य में इससे पूर्व वर्ष 2003 में हुए SIR के बाद तैयार मतदाता सूची है। जिन मतदाताओं के नाम इस सूची में है, उन्हें सत्यापन के दौरान कोई दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं है।
घर-घर जाएंगे बीएलओ
उन्हें सिर्फ गणना प्रपत्र (इन्यूमरेशन फार्म) भरना होगा, जो बीएलओ के माध्यम से घर तक पहुंचेगा। वर्तमान मतदाताओं में 73 प्रतिशत की इस सूची से मैपिंग हो चुकी है। वैसे मतदाता जिनका नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नहीं है, उन्हें गणना प्रपत्र भरने के साथ-साथ घोषणापत्र और निर्धारित 11 दस्तावेज की सूची में कोई एक दस्तावेज देना होगा।
18 वर्ष पूरे कर चुके नए मतदाताओं को फार्म-6 के साथ घोषणापत्र भी जमा करना होगा। वहीं, दूसरे राज्यों से आनेवाले मतदाताओं को फार्म-8 के साथ घोषणापत्र देना होगा।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने मतदाताओं, एसआइर में लगे कर्मियों, सभी मान्यताप्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलए से SIR में सक्रिय सहयोग की अपील की ताकि मतदाता सूची अधिक
स्वच्छ समावेशी एवं त्रुटिरहित बन सके।
इस अवसर पर अपर मुख्यवनिर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, प्रशिक्षण के नोडल पदाधिकारी देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनीलकुमार उपस्थित रहे।
गणना प्रपत्र लेने न्यूनतम 3 बार आपके घर जाएंगे बीएलओ
30 जून से बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। इस क्रम में वे सभी को गणना प्रपत्र देंगे, जिन्हें भरकर उन्हें देना है। यह पहले से आंशिक रूप से भरा रहेगा। अगर किसी घर में ताला बंद है तो इस प्रपत्र को बीएलओ अंदर डाल देंगे।
गणना प्रपत्र भराने तथा घोषणा पत्र व दस्तावेज लेने बीएलओ न्यूनतम तीन बार आपके घर जाएंगे। गणना प्रपत्र जमा करनेवाले मतदाताओं की सूची प्रारुप मतदाता सूची में वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग या बिना मैपिंग के रूप में अलग-अलग शामिल किए जाएंगे।
यदि किसी मतदाता का गणना प्रपत्र नहीं मिलता है या उसका नाम अब्सेंट, शिफ्टेड, डेड, डुप्लीकेट (एएसडीडी) सूची में शामिल है तो उसका नाम प्रारुप मतदाता सूची में सम्मिलित नहीं किया जाएगा। गण्ना प्रपत्र भरने में बीएलओ सहयोग करेंगे।
एसआइआइ में क्या खास?
एक-एक घर में गणना प्रपत्र बीएलओ के माध्यम से पहुंचेगा। उसमें बीएलओ का नाम तथा मोबाइल नंबर भी होगा। इसे कम से कम भरकर तथा हस्ताक्षर कर बीएलओ को जरूर जमा करें।
मतदाता सूची से किसी का नाम सुनवाई का अवसर प्रदान किए बिना नहीं हटाया जाएगा। अपील दो स्तर पर की जाएगी। पहली अपील जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त तथा दूसरी अपील मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के पास होगी।
आधार कार्ड के आधार पर मतदाता होने का दावा नहीं किया जा सकता। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने आधार एक्ट तथा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम का हवाला देते हुए कहा कि आधार सिर्फ किसी व्यक्ति की पहचान है न कि नागरिक होने का।
समय पर पूरा होगा SIR , नहीं मांगेंगे अवधि विस्तार
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि राज्य में SIR समय पर पूरा होगा। इसके लिए चुनाव आयोग से अवधि विस्तार नहीं मांगा जाएगा।
किसी भी विसंगति को सिस्टम तुरंत पकड़ेगा
वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग सही ढंग से हुई है या नहीं, किसी मतदाता का नाम गलत ढंग से सूची से कट गया या जुड़ गया हो तो उसे सिस्टम तुरंत पकड़ लेगा। इसमें कुल 15 प्रकार की होनेवाली विसंगतियां चिह्नित की गई हैं, जिन्हें सिस्टम बता देगा ताकि उसे दूर किया जा सके।
गलत करने पर दंड का भी प्रविधान
SIR के क्रम में बीएलओ से लेकर ऊपर तक के कोई पदाधिकारी गलत करता है, तो उसके विरुद्ध दंड का भी प्रविधान है। इसके तहत जुर्माना सहित न्यूनतम तीन माह की जेल हो सकता है, जिसे दो वर्ष तक के लिए बढ़ाया जा सकता है।
इन 11 दस्तावेज में से कोई एक देना होगा अनिवार्य
केंद्र, राज्य सरकार या पीएसयू द्वारा नियमित कर्मचारी या पेंशनर को जारी प्रमाणपत्र
एक जुलाई 1987 से पहले सरकार, स्थानीय प्राधिकार, बैंक, डाकघर, एलआइसी, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा जारी कोई भी पहचान पत्र
सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाणपत्र
पासपोर्ट
मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाणपत्र
वन अधिकार प्रमाणपत्र
ओबीसी, एससी, एसटी या सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी कोई भी जाति प्रमाणपत्र
राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहां भी मौजूद है)
राज्य/स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा तैयार किया गया परिवार रजिस्टर
सरकार द्वारा कोई भूमि या मकान आवंटन प्रमाणपत्र
कब क्या होगा?
23 मई : सभी मतदान केंद्रों पर उन मतदाताओं की सूची का प्रकाशन जिनकी मैपिंग 2003 की मतदाता सूची से नहीं हुई है।
20 जून से 29 जून : SIR में संलग्न कर्मियों का प्रशिक्षण
30 जून से 29 जुलाई : बीएलओ द्वारा घर-घर दौरा
29 जुलाई तक : मतदान केंद्रों का युक्तिकरण
05 अगस्त : प्रारुप मतदाता सूची का प्रकाशन
05 अगस्त से 04 सितंबर : दावा एवं आपत्ति
05 अगस्त से 03 अक्टूबर : दावों और आपत्तियों की
07 अक्टूबर : मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन।
बीएलओ की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा आयोग
चुनाव आयोग SIR में संलग्न बीएलओ की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। एक सवाल के जवाब में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि बीएलओ के कार्य में बाधा डालनेवाले के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।










