Home छत्तीसगढ़ गरियाबंद में प्रशासन की अनदेखी से परेशान ग्रामीण, खुद के खर्च पर...

गरियाबंद में प्रशासन की अनदेखी से परेशान ग्रामीण, खुद के खर्च पर बना डाला पुल

17
0
Jeevan Ayurveda

गरियाबंद.

तहसील मुख्यालय मैनपुर नगर के स्टाप डेम मोहल्लावासी पिछले 20-25 सालों से बारिश के चार माह बेहद ही दयनीय स्थिति में गुजारने को मजबूर होते हैं। मैनपुर नगर से गजरने वाली फुलझर नदी के उस पार ग्राम पंचायत मैनपुरकला के वार्ड क्रमांक 01 में लगभग 30-35 परिवार निवास करते हैं और इस मोहल्ले के लोग बारिश के दिनों में जर्जर हो चुके 20 फीट गहरे जानलेवा स्टापडेम को छलांग लगाकर पार करने को मजबूर होते हैं।

Ad

इतना ही नहीं मैनपुर के स्कूलों में पढ़ने वाले इस मोहल्ले के छोटे-छोटे स्कूली बच्चे जान जोखिम में डालकर आना जाना करते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी किसी के तबीयत खराब होने पर या फिर गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक लाने में उठानी पड़ती है। ग्रामीण मैनपुर नदी में पुल निर्माण की मांग को लेकर शासन प्रशासन से गुहार लगाकर थक चुके और तो और इस मामले को लेकर कई बार जनपद से लेकर कलेक्टर कार्यालय तक ज्ञापन भी सौंपा गया, लेकिन ग्रामीणों के इस मांग की तरफ अब तक ध्यान नहीं दिया गया। स्टापडेम मोहल्ले के मुर्गा व्यवसायी लोचन चक्रधारी ने अपने खुद के खर्च से लगभग 10 से 12 लाख रूपये खर्च कर अपने घर के सामने नदी मे पुल का निर्माण कर दिया और पुल निर्माण कार्य लगभग अंतिम चरण में है। आने वाले बारिश में इसका लाभ इस मोहल्ले के लोगों को मिलेगा। इस ऐतिहासिक कार्य का क्षेत्र के लोगों द्वारा जमकर प्रशंसा की जा रही है।

पुल निर्माण कर मिशाल पेश करने वाले ग्रामीण लोचन चक्रधारी ने बताया कि कई बार शासन-प्रशासन से मोहल्ले वाले पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक सरकार इस तरफ ध्यान नही दिया जबकि यह तहसील मुख्यालय है और यहां से महज 200 कदम की दूरी पर जनपद और एसडीएम कार्यालय है बावजूद इस मोहल्ले के छोटे -छोटे बच्चे जान जोखिम मे डालकर स्कूल आना जाना करने मजबूर हो रहे है। चक्रधारी ने बताया लोगों की समस्या और उनके परिवार की समस्याओं को देखते हुए उन्होंने मैनपुर नदी में अपने स्वयं का लगभग 10 से 12 लाख रूपये खर्च कर पुल का निर्माण किया है जिसमें उन्होंने दुकानदारों से कर्ज लिया है साथ ही उन्हें धीरे-धीरे कर्ज चुकाने की बात कहते हैं। पुल के एप्रोज में मुरमीकरण कार्य बचा हुआ है।

जनपद के अफसरों को निवेदन करने के बाद भी झांकने नहीं पहुंचे- ग्रामीण लोचन चक्रधारी के पुत्र डोलेश चक्रधारी और मोहल्ले के लोगों ने बताया कि उन्होंने अपने स्वयं के खर्च से पुल का निर्माण किया है, लेकिन पुल निर्माण के लिए डिजाइन, तकनीकी जानकारी के लिए जनपद पंचायत के अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर सुझाव देने की गुहार भी लगाई। हद तो तब हुई कि इसके बावजूद भी कोई भी जिम्मेदार स्थानीय अधिकारी पुल निर्माण के लिए उन्हें सुझाव देने के लिए नहीं पहुंचा, जिसका मलाल इस ग्रामीण मे देखने को मिलता है।

उन्होंने बताया आज सरकार अनेक योजनाओं का लाभ लोगों को दिला रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार यदि अपने कर्तव्यो का सही पालन करें तो ग्रामीणों को इसका लाभ मिलता लेकिन जिम्मेदारों द्वारा जब ध्यान नहीं दिया जाता तो इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीण लोचन चक्रधारी के इस पहल का क्षेत्र के लोगों द्वारा प्रशंसा किया जा रहा है। मैनपुर नदी में पुल निर्माण की मांग वर्षो से करते थके ग्रामीण लोचन चक्रधारी के इस प्रयास का जमकर प्रशंसा कर रहे हैं, जो 10 से 12 लाख रूपये खर्च कर पुल का निर्माण किया है।

नगर व क्षेत्र के लोगों ने गरियाबंद के कलेक्टर भगवान सिंह उइके एवं जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर से मांग किया है कि ऐसे ग्रामीणों का सार्वजनिक मंच से सम्मान किया जाये। साथ ही पुल निर्माण में उनके योगदान को देखते हुए अन्य अधुरे कार्य को सरकार द्वारा पुरा करवाए।

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here