Home ट्रेंडिंग झारखंड में 62 बंद कोयला खदानों का आवंटन हो सकता है रद्द,...

झारखंड में 62 बंद कोयला खदानों का आवंटन हो सकता है रद्द, दोबारा होगी नीलामी

24
0
Jeevan Ayurveda

रांची 
झारखंड में खनिज संपदा के बेहतर इस्तेमाल, बंद पड़ी खदानों को फिर से चालू करने और अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में तीन जून 2026 को हुई खान एवं भूतत्व विभाग की समीक्षा बैठक में खनन क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्देश दिये गये थे. इन निर्देशों के अनुपालन के लिए खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अरवा राजकमल ने छह नवंबर को सभी उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों, वन प्रमंडल पदाधिकारियों और संबंधित एजेंसियों को कार्रवाई करने को कहा है. साथ ही अनुपालन की रिपोर्ट भी खान सचिव ने मांगी है.

बंद खदानों का आवंटन रद्द कर फिर होगी नीलामी
बैठक में बताया गया था कि राज्य में करीब 165 कोयला खनन पट्टे आवंटित हैं. इनमें 103 वर्तमान में कार्यरत हैं, जबकि करीब 62 बंद पड़े हैं. इनमें 58 खनन पट्टे बीसीसीएल, सीसीएल और इसीएल को आवंटित हैं. शेष चार पट्टे एसएआइएल, टाटा स्टील, हिंडाल्को और अरन्या माइंस प्राइवेट लिमिटेड को मिले हैं. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया था कि बंद खदानों की समीक्षा कर जिनमें भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय स्वीकृति और वन स्वीकृति मिलने के बावजूद खनन शुरू नहीं हुआ है, उनका आवंटन नियमानुसार रद्द कर पुनः नीलामी की जाये.

Ad

लौह अयस्क समेत 49 बंद खनन पट्टों पर होगी कार्रवाई
कोयले के अलावा लौह अयस्क, बॉक्साइट, चूना पत्थर, ग्रेफाइट के 49 खदान बंद पड़े हैं. इन बंद खदानों की भी समीक्षा कर भूमि अधिग्रहण और जरूरी स्वीकृति प्राप्त होने के बावजूद खनन शुरू नहीं करने वालों का आवंटन रद्द कर पुनः नीलामी करने का निर्देश दिया गया था.

बंद वृहद खनिज पट्टों की भी होगी समीक्षा
कोयले के अलावा लौह अयस्क, बॉक्साइट, चूना पत्थर, ग्रेफाइट, तांबा, यूरेनियम, क्यानाइट, सोना और मैंगनीज के करीब 85 खनन पट्टे आवंटित हैं. इनमें 36 संचालित हैं, जबकि 49 बंद पड़े हैं. इनकी भी समीक्षा कर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है. एक्सपायर्ड और लैप्स खनन पट्टों की सूची तैयार कर दोबारा नीलामी की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया है. गोल्ड ब्लॉकों के अन्वेषण और उनकी नीलामी की संभावनाएं तलाशने तथा लौह अयस्क के उठाव के लिए राजस्व हित में प्रस्ताव तैयार करने का भी निर्देश है.

बालू घाटों की नीलामी और अवैध उठाव पर सख्ती
राज्य में 444 बालू घाटों में से 300 की नीलामी प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है. मुख्यमंत्री ने शेष घाटों की नीलामी जल्द पूरी करने और सभी नीलाम घाटों का संचालन सुनिश्चित करने को कहा था. बालू घाटों के संचालन में जिला प्रशासन, वन विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड समेत संबंधित एजेंसियों को सहयोग करने का निर्देश दिया गया था. बालू घाटों और प्रमुख निकासी मार्गों पर चेकनाका और सीसीटीवी कैमरे लगाने का भी निर्देश दिया गया.

अवैध खनन रोकने में तकनीक का इस्तेमाल
बैठक में कोयला और अन्य खनिजों के अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर रोक लगाने के लिए राज्य और खनन टास्क फोर्स को सक्रिय करने को कहा गया था. अवैध खनन और बालू के अवैध उठाव की निगरानी के लिए व्यवस्था अधानिक तकनीक आधारित था. निर्देश था कि नीलामी के बाद निर्धारित अवधि समाप्त होने के बावजूद जिन खनन पट्टाधारियों ने वैधानिक स्वीकृति प्राप्त नहीं की है और खदाने गैर-कार्यशील हैं, उनके वीइआर का निर्धारण कर पुनः नीलामी करने का निर्देश दिया गया है.

 

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here