देश

फ्रांस-अमेरिका ने इजरायल का तो ईरान ने खुलकर हमास का किया समर्थन 

नई दिल्ली 

इजरायल में हमास के हमले के बाद अब तक मृतकों की संख्या बढ़कर 100 की हो चुकी है वहीं 900 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। वहीं, इजरायल के जवाबी हमले में अब तक 198 फिलिस्तीनियों की मौत हुई है, जबकि 1600 से ज्यादा लोग घायल हैं।

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को फोन किया और इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका इजरायल के साथ खड़ा है और इजरायल के आत्मरक्षा के अधिकार का पूरा समर्थन करता है।

इजरायल और हमास के बीच चल रही जंग को लेकर दुनियाभर से प्रतिक्रिया आ रही हैं। भारत समेत पश्चिमी देशों अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने हमास के हमले की निंदा की है। वहीं ईरान और कतर ने हमास का समर्थन किया है।

किस देश ने क्या कहा?

भारत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इजरायल में आतंकवादी हमलों की खबर से उन्हें गहरा सदमा लगा है। उन्होंने कहा कि वे इस कठिन समय में इजरायल के साथ एकजुटता से खड़े हैं।

अमेरिका

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को फोन किया और इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका इजरायल के साथ खड़ा है और इजरायल के आत्मरक्षा के अधिकार का पूरा समर्थन करता है

इसके अलावा अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने हमास के हमले की निंदा की और इजरायल के प्रति अपनी संवेदना जताई। डिफेंस सेक्रेटरी लॉयड ऑस्टिन ने कहा है कि वो इस बात का ध्यान रखेंगे की इजराइल को अपनी सुरक्षा में किसी तरह की कमी न रहे।

ब्रिटेन

ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने भी हमास आतंकवादियों के हमलों की निंदा की और इजरायल के आत्मरक्षा के अधिकार पर जोर दिया। पीएम सुनक ने कहा है कि मैं हमास के हमले से हैरान हूं। इजराइल को अपनी सुरक्षा का पूरा अधिकार है।

फ्रांस

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने इजरायल के साथ एकजुटता व्यक्त की और हमास के हमलों की निंदा की। मैक्रों ने कहा कि दुख की घड़ी में वो हमास के हमले में जान गंवाने वाले लोगों के परिवार के साथ हैं।

तुर्की

तुर्की ने इस संघर्ष के बीच किसी भी पक्ष का साथ नहीं दिया है। तुर्की के राष्ट्रपति तैय्यप एर्दोगन ने इजरायल और फिलिस्तीनियों दोनों से संयम बरतने का आह्वान किया और उनसे ऐसे कार्यों से बचने का आग्रह किया जो तनाव को और बढ़ा सकते हैं।

इजिप्ट

इजिप्ट ने भी इस संघर्ष में किसी भी पक्ष का खुलकर समर्थन नहीं किया है। मिस्र ने इजरायल और फिलिस्तीनियों के बीच तनाव बढ़ने के 'गंभीर परिणामों' के बारे में चेतावनी जारी की और अधिकतम संयम बरतने का आह्वाहन किया।

यूरोपियन यूनियन

यूरोपियन यूनियन की चीफ उर्सला ने कहा है कि इजराइल को जवाबी कार्रवाई का पूरा हक है। हिंसा को रोकना जरूरी है।

जर्मनी

जर्मन विदेश मंत्री एनालेना बेयरबॉक ने हमास के हमले की निंदा की और इजरायल के आत्मरक्षा के अधिकार के लिए समर्थन दोहराया।

ईरान

सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह खामेनेई के एडवाइजर ने कहा है कि हम फिलिस्तीन के इजराइल पर किए अटैक का समर्थन करते हैं।

रूस

रूस ने इजरायल, फिलिस्तीनियों और अरब देशों के साथ संपर्क बनाए रखा और आगे बढ़ने से बचने के लिए संयम के महत्व पर जोर दिया। रूस ने कहा कि इस मसले का हल बातचीत से सुलझाया जाना चाहिए।

कतर

कतर ने भी तनाव को समाप्त करने और शांति का आह्वान किया। हालांकि कतर विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह इस हालात का इकलौता जिम्मेदार इजराइल को मानता है। इसमें फिलिस्तीनी लोगों की प्रताड़ना और अल अक्सा मस्जिद पर इजरायली पुलिस की बार-बार छापेमारी शामिल है।

यूक्रेन

यूक्रेनी विदेश मंत्रालय ने इजरायल के अपनी रक्षा के अधिकार के लिए समर्थन व्यक्त किया और तेल अवीव और यरूशलेम में इसकी नागरिक आबादी पर रॉकेट हमलों सहित "इजरायल के खिलाफ चल रहे आतंकवादी हमलों" की निंदा की।

Back to top button