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इजरायल ने गाजा में घुसकर मारना शुरू किया, हमास के ठिकानों पर टैंकरों से मचाई तबाही

तेल अवीव

इजरायल ने भले ही अभी तक गाजा पट्टी पर जमीनी हमले का ऐलान नहीं किया है, लेकिन आज उसके कुछ सैनिकों ने सीमा पर जमकर कहर बरपाया है। इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ) ने कहा कि इजरायली सैनिकों ने गुरुवार को गाजा में कुछ समय के लिए प्रवेश किया। वापस लौटने से पहले हमास के कई ठिकानों पर हमला किया। इस दौरान कई आतंकी मारे गए।साथ ही आईडीएफ ने यह भी कहा कि टैंकरों और पैदल सेना के साथ आतंकवादियों के ठिकानों पर हमला किया गया। उन्हें ध्वस्त कर सैनिक फिर वापस लौट आए। यह भी खबर आ रही है कि इजरायल के द्वारा लेबनान पर भी हमले जारी हैं। इन हमलों में आज हिजबुल्ला के दो और कमांडर मारे गए हैं। अब तक कुल 47 आतंकियों की मौत सिर्फ लेबनान में हो चुकी है।

वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनी लड़ाकों पर ड्रोन से हमला
वहीं, इजरायल ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी के जवाब में मानव रहित हवाई वाहन (यूएवी) का उपयोग करके वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनी लड़ाकों के खिलाफ हमला किया। इजरायल रक्षा बलों (आईडीएफ) ने बुधवार को यह जानकारी दी। आईडीएफ ने टेलीग्राम पर लिखा ''थोड़ी देर पहले, आईडीएफ और इज़रायल सीमा पुलिस बलों ने जेनिन के क्षेत्र में वाडी ब्रुकिन में आतंकवाद विरोधी गतिविधियों का संचालन किया और आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के संदेह में दो व्यक्तियों को पकड़ा।

इसके अतिरिक्त, सेना ने सशस्त्र आतंकवादियों की ओर गोलीबारी की। जेनिन कैंप में आतंकवाद विरोधी गतिविधि के दौरान, सशस्त्र आतंकवादियों ने इजरायली सुरक्षा बलों पर गोलीबारी की और विस्फोटक उपकरण फेंके। जवाब में एक आईडीएफ यूएवी ने आतंकवादियों पर हमला किया। बयान में कहा गया है कि इजरायली सुरक्षा बलों के किसी घायल होने की सूचना नहीं है।फिलिस्तीनी समूह हमास द्वारा गत सात अक्टूबर को गाजा पट्टी से इजरायल के खिलाफ अचानक बड़े पैमाने पर रॉकेट हमला करने और सीमा का उल्लंघन करने, पड़ोसी इजरायली समुदायों के लोगों की हत्या और अपहरण करने के बाद फिलिस्तीनियों और इजरायल के बीच तनाव बढ़ गया है।

इज़रायल ने जवाबी हमले शुरू किए और 20 लाख से अधिक लोगों के घर गाजा पट्टी की पूर्ण नाकाबंदी का आदेश दिया और पानी, भोजन और ईंधन की आपूर्ति काट दी। बाद में मानवीय सहायता वाले ट्रकों को गाजा पट्टी में प्रवेश की अनुमति देने के लिए नाकाबंदी में ढील दी गई। संघर्ष के बढ़ने से दोनों पक्षों के हजारों लोग मारे गए और घायल हुए।

 

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