राजनीति

जानें खंडवा कैसे बना भाजपा का अभेद किला

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 में खंडवा के मतदाता अपना 16वां विधायक चुनेंगे। वर्ष 1950 में मध्य भारत प्रांत बनने के साथ ही खंडवा विधानसभा भी बनी थी। 1956 में राज्यों के पुनर्गठन के साथ ही मप्र नया राज्य बना। 1952 में पहले विधानसभा चुनाव से जब भी खंडवा विधानसभा सीट अनारक्षित रही, तब तक यहां ब्राह्मणों का वर्चस्व रहा। अब तक 15 विस चुनाव में 12 बार खंडवा अनारक्षित सीट पर 8 बार ब्राह्मण विधायक चुना गया। कभी कांग्रेस का गढ़ रही खंडवा विधानसभा सीट अब भाजपा के अभेद किले के रूप में तब्दील हो गई है।

वर्ष 1952 में खंडवा सामान्य विधानसभा के मंडलोई पहले ब्राह्मण विधायक बने थे। इसके बाद वर्ष 1957 में भगवंतराव मंडलोई और देवकरण बालचंद दो विधायक खंडवा से रहे। 1962 से लेकर 2003 तक खंडवा अनारक्षित सीट रही। 1952 और 1962 से लेकर लगातार ब्राह्मण विधायक चुने गए। 1990 में हुकुमचंद यादव ने ब्राह्मणों का वर्चस्व तोड़ा और विधायक बने। हालांकि 1993 में हुए उपचुनाव में एक बार फिर पूरणमल शर्मा ब्राह्मण विधायक के रूप में चुने गए। इसके बाद 1998 और 2003 में हुकुमचंद यादव यहां से विधायक रहे। वर्ष 2008 में आरक्षण होने के बाद यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हुई और तब से अब तक तीन बार देवेंद्र वर्मा यहां से विधायक रहे।

मंडलोई बने थे मप्र के मुख्यमंत्री
खंडवा विधानसभा से तीन बार प्रतिनिधित्व करने वाले भगवंत राव मंडलोई ने दो बार प्रदेश के मुख्यमंत्री का पद भी संभाला है। पहली बार भगवंतराव मंडलोई ने मुख्यमंत्री रविशंकर शुक्ल के निधन के बाद 9 जनवरी 1957 से 30 जनवरी 1957 तक 21 दिन मप्र के कार्यवाहक मुख्यमंत्री का पदभार संभाला था। इसके बाद भगवंत राव मंडलोई ने 12 मार्च 1962 से 29 सितंबर 1963 तक मप्र के मुख्यमंत्री के रूप नेतृत्व किया।

यह है खंडवा विधानसभा का इतिहास

  • 1952- भगवंतराव मंडलोई, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
  • 1957- देवकरण बालचंद, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
  • 1962- भगवंतराव मंडलोई, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
  • 1967- कृष्णराव गद्रे, भारतीय जनसंघ
  • 1972- गंगाचरण मिश्र, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
  • 1977- गोविंद प्रसाद गीते, जनता पार्टी
  • 1980- गंगाचरण मिश्र, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
  • 1985- नंदा मंडलोई, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
  • 1990- हुकुमचंद यादव, भारतीय जनता पार्टी
  • 1993- पूरणमल शर्मा, भारतीय जनता पार्टी
  • 1998- हुकुम चंद यादव, भारतीय जनता पार्टी
  • 2003- हुकुम चंद यादव, भारतीय जनता पार्टी
  • 2008- देवेंद्र वर्मा, भारतीय जनता पार्टी
  • 2013- देवेंद्र वर्मा, भारतीय जनता पार्टी
  • 2018- देवेंद्र वर्मा, भारतीय जनता पार्टी

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