मध्यप्रदेश

वचन पत्र नहीं, कांग्रेस ने जारी किया छल, कपट, झूठ और धोखे का दस्तावेज: विष्णुदत्त शर्मा

  • आपसी नोंक-झोंक के बीच कांग्रेस द्वारा जारी किया गया छल पत्र प्रदेश की जनता के साथ क्रूर मजाक
  • वचन पत्र के नाम पर खुल रही झूठ की दुकान, छीन लेंगे गरीब का रोटी, कपड़ा और मकान
  • अजब ये नहीं कि वो झूठ बोलते हैं, गजब ये है कि बार-बार बोलते हैं

भोपाल
कांग्रेस पार्टी ने आज अपना वचन पत्र जारी किया है, जो वचनों का नहीं, बल्कि झूठ, छल, कपट और धोखे का पत्र है। ऐसे समय में जबकि करप्शन नाथ और मि.बंटाढार के बीच कपड़ा फाड़ द्वंद और घमासान मचा हुआ है, कांग्रेस का ये वचन पत्र एक रस्म अदायगी बन कर रह गया है। ऐसा लगता है कि वचन पत्र के रूप में कांग्रेस पार्टी ने अपने झूठ का पुलिंदा एक बार फिर प्रदेश की जनता के सामने रख दिया है, जो जनता के साथ क्रूर मजाक है। यह बात भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने पत्रकारवार्ता के दौरान कांग्रेस के वचन पत्र पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कही। श्री शर्मा ने सवाल किया कि बंटाढार युग में प्रदेश को दुरावस्था में पहुंचाने वाली और 15 महीने की करप्शन नाथ सरकार के समय प्रदेश को आकंठ भ्रष्टाचार में डुबा देने वाली कांग्रेस किस मुंह से जनता से वादे कर रही है?

फिर किसानों को छलने का प्रयास कर रही कांग्रेस
प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि कांग्रेस ने अपने वचन पत्र की शुरुआत कर्जमाफी के उस वादे से की है, जिसका झुनझुना राहुल गांधी ने 2018 में बजाया था। उन्होंने कहा था कि अगर 10 दिनों में कर्जमाफी नहीं हुई, तो मुख्यमंत्री बदल देंगे। कमलनाथ सरकार ने कर्जमाफी के नाम पर किसानों से तीन तरह के फॉर्म भरवाए और तरह-तरह से परेशान किया। कांग्रेस की कर्जमाफी किस तरह से मजाक बन गई थी, उसका उदाहरण हैं आगर मालवा के किसान शिवलाल, जिन पर 24000 रुपये का कर्ज था, लेकिन कमलनाथ सरकार ने सिर्फ 13 रुपये माफ किए। श्री शर्मा ने कहा कि राहुल गांधी ने अगर मुख्यमंत्री बदलने का अपना वादा निभाया होता, तो 15 महीने में पता नहीं कितने मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश को मिल जाते। उन्होंने कहा कि अब एक बार फिर कांग्रेस किसानों से झूठे वादे कर रही है। श्री शर्मा ने कहा कि किसानों की हितैषी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान की सरकारें हैं, जो 80 लाख किसानों को हर साल 12 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दे रही हैं।

फिर शिकारी की तरह जाल फैला रही कांग्रेस
प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी झूठे वादों के सहारे 2018 में सत्ता में आई थी, लेकिन उन वादों की पोल जल्दी ही खुल गई थी। अब एक बार फिर शिकारी की तरह कांग्रेस पार्टी ने झूठे वादों का जाल फैला दिया है, लेकिन प्रदेश की जनता अब सजग हो गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में नौजवानों को 1200 रुपये देने की बात कही है। 2018 में तो कांग्रेस ने बेरोजगार युवाओं को 4 हजार रुपये बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया था, लेकिन किसी बेरोजगार को भत्ता नहीं दिया। दूसरी तरफ प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान की सरकार सीखो-कमाओ योजना के अंतर्गत प्रदेश में युवाओं को इंटर्नशिप के आधार पर 8-10 हजार रुपये दे रही है। श्री शर्मा ने कहा कि कांग्रेस ने अपने 750 वादों में से 15 महीने की सरकार के दौरान एक भी वचन पूरा नहीं किया, जो दुर्भाग्यजनक है।

झूठी कांग्रेस ने हर प्रदेश में किये झूठे वादे
प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने सिर्फ मध्यप्रदेश में नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़, राजस्थान, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश हर जगह जनता से झूठे वादे किए हैं। हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस ने कैबिनेट की पहली बैठक में एक लाख रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन ये वादा अभी तक अधूरा है। वहां की महिलाएं आज भी 1500 रुपये मिलने की राह देख रही हैं, जिसका वादा कांग्रेस ने किया था। छत्तीसगढ़ में शराबबंदी का वादा करने वाली कांग्रेस ने शराब की होम डिलीवरी शुरू कर दी। कांग्रेस की सरकार तेंदूपत्ता श्रमिकों का बोनस तक डकार गई। बेरोजगार नौजवानों को भत्ता दिया जाने का वादा कांग्रेस ने राजस्थान में भी किया था, लेकिन वहां भी उस वादे का हश्र मध्यप्रदेश जैसा ही हुआ और किसी नौजवान को भत्ता नहीं मिला। कर्नाटक में मुफ्त बिजली का वादा करने वाली कांग्रेस ने सत्ता में आते ही बिजली की दरें 2 रुपये यूनिट बढ़ा दी थी। श्री शर्मा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हर जगह इतना झूठ बोला है कि अब वो झूठ बोलने की मशीन बन गई है और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के इस कथन को सही साबित कर रही है कि कांग्रेस झूठ, परिवारवाद, भ्रष्टाचार और अपराधीकरण की गारंटी है।

दोफाड़ कांग्रेस अब हो गई कपड़ा फाड़, ये कांग्रेस का द्वंद नहीं, दंभ है
प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि कांग्रेस ने प्रत्याशियों की सूची घोषित की थी, उसमें अपराधीकरण, परिवारवाद, महिला उत्पीड़न कांग्रेस के मूल चरित्र के रूप में सामने आए थे। अब यही बात प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ द्वारा दिग्विजय सिंह और जयवर्धन सिंह के कपड़े फाड़ने संबंधी बयान से भी सामने आई है। वास्तव में आपराधिक भाषा और प्रकृति छिंदवाड़ा से लेकर राघोगढ़ तक कांग्रेस के मूल चरित्र के रूप में दिखाई दे रही है। श्री शर्मा ने कहा कि कमलनाथ ने जिस तरह से पूर्व मुख्यमंत्री और उनके बेटे के कपड़े फाड़ने के लिए कार्यकर्ताओं को उकसाया है, उससे कांग्रेस की अंतकर्लह और अंतर्द़वंद सतह पर आ गए हैं। दो फाड़ कांग्रेस अब कपड़ा फाड़ कांग्रेस हो गई है। श्री शर्मा ने कहा कि दिग्विजय सिंह से कमलनाथ की ये नफरत नई नहीं है। कांग्रेस की पहली सूची जारी होने के बाद भी यह देखा गया था कि कमलनाथ दिग्विजय सिंह के वर्चस्व से परेशान थे। ऐसा लग रहा था कि यह सूची नहीं, कांग्रेस की शामत आ गई है। वास्तव में ये कांग्रेस का द्वंद नहीं, बल्कि नेताओं का दंभ है जो 15 महीने की सरकार में भी दिखाई दिया था। तब उसी सरकार के एक मंत्री उमंग सिंघार ने कहा था कि इस सरकार को पर्दे के पीछे से मि. बंटाढार दिग्विजय सिंह चला रहे हैं। कमलनाथ को भी इसका मलाल था। यहां तक कि कमलनाथ ने सरकार गिरने का दोष भी दिग्विजय सिंह को दिया था। श्री शर्मा ने कहा कि नेताओं के इस दंभ के चलते ही 15 महीने की सरकार के दौरान प्रदेश में विकास और गरीब कल्याण के काम प्रभावित हुए थे। आज यही दंभ कांग्रेस को विपक्ष के रूप में भी नकारा साबित कर रहा है और इस प्रकरण से कमलनाथ का अयोग्य और अस्वीकार्य नेतृत्व जनता के सामने आ गया है।

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