मध्यप्रदेश

चुनाव आयोग ने राज्य सरकार से हर पद के हिसाब से तीन-तीन अफसरों के नाम का पैनल मांगा

भोपाल

प्रदेश में आदर्श चुनाव आचार संहिता लगने के बाद चुनाव आयोग और सख्त हो गया है। सत्तारूढ़ दल के पक्ष में काम करने और नेताओं के रिश्तेदार के रूप में काम कर रहे खरगोन-रतलाम कलेक्टर और जबलपुर तथा भिंड के एसपी को चुनाव आयोग के निर्देश पर सरकार ने हटा दिया। इन अफसरों के स्थान पर नई पोस्टिंग करने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग और गृह विभाग में तीन-तीन अफसर के नाम का पैनल चुनाव आयोग को भेजा है। आयोग इनमें से किसी एक का चयन कर सरकार को उस अफसर को वहां पदस्थ करने के निर्देश देगा।

भिंड एसपी मनीष खत्री को लेकर नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर गोविंद सिंह ने चुनाव आयोग में शिकायत की थी कि वह सजातीय थानेदारों को थानों में पदस्थ कर रहे हैं जो कि चुनाव में भाजपा उम्मीदवारों को फायदा पहुंचाएंगे। नेता प्रतिपक्ष की शिकायत पर इसके पहले भी भिंड के एसपी और कलेक्टर को हटाया गया था। जबलपुर एसपी तुषार कांत विद्यार्थी को लेकर स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने सत्तारुढ़ दल के पक्ष में काम करने की शिकायत की थी।

खरगोन कलेक्टर शिवराज वर्मा का भाजपा के एक वरिष्ठ नेता से करीबी रिश्ता है। कांग्रेस नेताओं ने अपनी शिकायत में शिवराज वर्मा पर भाजपा कार्यकर्ता की तरह काम करने की शिकायत करते हुए उन्हें हटाने की मांग की थी। रतलाम कलेक्टर एनके सूर्यवंशी की भी यह शिकायत थी कि वह लोगों को भाजपा के पक्ष में काम करने को कह रहे हैं। ग्वालियर चंबल संभाग में कम वोटिंग को लेकर भी मध्य प्रदेश के दौरे पर आया चुनाव आयोग का दल नाराज था। जबलपुर में लचर कानून व्यवस्था को लेकर चुनाव आयोग की टीम ने दौरे के दौरान जबलपुर एसपी को सख्त हिदायत दी थी। चुनाव आयोग के दल ने दोनों पुलिस अधीक्षकों के प्रेजेंटेशन पर भी असंतोष जताया था।

कल तक हो जाएगी पोस्टिंग
इन अफसरो के स्थान पर नए अफसरों की पोस्टिंग करने के लिए चुनाव आयोग ने राज्य सरकार से हर पद के हिसाब से तीन-तीन अफसरों के नाम का पैनल मांगा था। गृह और सामान्य प्रशासन विभाग ने गुरुवार को तीन-तीन अफसरों के नाम का पैनल भारत निर्वाचन आयोग को भेज दिया है। आयोग इनमें से किसी एक अफसर का नाम तय कर राज्य सरकार को उसे वहां पदस्थ करने के लिए निर्देशित करेगा। कल तक नये अफसरों की पदस्थापना होने की संभावना है।

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