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वंदे भारत एक्सप्रेस में नहीं लग सकती भीषण आग, इस यूरोपीय तकनीक का हुआ है इस्तेमाल

नई दिल्ली
 रेलवे अधिकारियों का दावा है कि सेमी हाई स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस विश्व स्तरीय यूरोपियन तकनीक से लैस है, इसलिए ट्रेन में भीषण आग नहीं लग सकती है। सोमवार को रानी कमलापति-हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के बैटरी बॉक्स में आग लग गई। रेल कर्मी की सजगता और आधुनिक तकनीक ने वंदे भारत एक्सप्रेस को सोमवार को एक बड़ी घटना से बचा लिया।

अधिकारियों ने दावा किया कि सेमी हाई स्पीड वंदे भारत में भारतीय रेल की सबसे सुरक्षित ट्रेन है। सभी कोच में एस्पिरेशन आधारित आग का पता लगाने व अलार्म प्रणाली प्रदान की गई है। सभी कोच केंद्रीय कोच निगरानी व नियंत्रण प्रणाली से लैस है। रेल कोच निर्माण में विश्व स्तरीय यूरोपियन मानकों (फायर डिटेक्शन ईएन-45545 व ईएन-5420) का पालन किया जाता है।

इसके अलावा कोच में धुंआ उठने पर एसी की हवा भीतर जाने के बजाए बाहर की ओर जाने का प्रावधान है। प्रत्येक कोच में अग्निशामक यंत्र हैं। जो यात्री को आग से बचाते हैं। वहीं कोच की बोगी में लगे बैटरी बॉक्स में बैटरी प्रबंधन सिस्टम (बीएमएस) तकनीक है। जो बैटरी की सेहत की निगरानी करती है। इस तकनीक में बैटरी चार्ज की स्थिति से लेकर करंट का प्रवाह व फीड बैक की सुविधा है। कोच के भीतर अथवा बाहर किसी प्रकार की समस्या होने पर ट्रेन ड्राइवर के कंट्रोल पैनल पर अलर्ट के साथ लाइट जलने लगती है।

ट्रेन निर्माता कंपनी की ओर से इंजीनियर नियुक्त किए जाते हैं
इसके अलावा वंदे भारत के प्रत्येक कोच में ट्रेन निर्माता कंपनी की ओर से इंजीनियर नियुक्त किए जाते हैं। यह इंजीनियर कोच में लगे एसी सिस्टम सहित अन्य पैनल की निगरानी करते हैं। आपातकालीन स्थिति में हर कोच में लगे अलार्म बटन दबाने सहित आपातकालीन टॉक-बैक से ट्रेन ड्राइवर से बातचीत कर सकते हैं। रेल यात्री भी इसका प्रयोग कर सकते हैं।

 

Aakash

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