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बिहार में 129 साल पुराने जेल कानून की जगह नया सुधारात्मक कानून

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पटना
 बिहार में जल्द ही जेल व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार ने बिहार कारा एवं सुधारात्मक सेवा विधेयक, 2026 को राज्य मंत्रिमंडल ने स्वीकृति दे दी है। यह विधेयक 129 साल पुराने जेल कानूनों की जगह आधुनिक व्यवस्था लागू करने के लिए लाया गया है।

सोमवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। बैठक में कुल 10 प्रस्ताव स्वीकृत किए गए।

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केंद्र का था निर्देश बनाए जाए नया कानून
सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार ने माडल प्रिजन एंड करेक्शनल सर्विसेज एक्ट, 2023 के अनुरूप राज्यों से नए कानून बनाने को कहा था। इसी के आधार पर बिहार ने अपनी स्थानीय जरूरतों के अनुसार नया विधेयक तैयार किया है।

नए कानून में जेलों को केवल कैदियों को रखने का स्थान नहीं, बल्कि उनके सुधार, पुनर्वास और कौशल विकास का केंद्र बनाने पर जोर दिया गया है। साथ ही जेल प्रबंधन, सुरक्षा और बंदियों के अधिकारों से जुड़े कई नए प्रावधान भी शामिल किए गए हैं।

बिहार में वनरक्षी भर्ती नियमों में होगा संशोधन, भूतपूर्व अग्निवीरों को अब 20 प्रतिशत आरक्षण
बिहार सरकार ने वनरक्षी भर्ती नियमों में संशोधन का प्रस्ताव स्वीकृत किया है। जिस पर मंत्रिमंडल ने स्वीकृति दी है। प्रस्ताव में बिहार अवर वन सेवा (संशोधन) नियमावली, 2026 लागू करने की बात कही गई है। इसके तहत भूतपूर्व अग्निवीरों को वनरक्षी की सीधी भर्ती में न्यूनतम 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा।

सरकार का कहना है कि इससे प्रशिक्षित, अनुशासित और शारीरिक रूप से दक्ष युवाओं की सेवाओं का बेहतर उपयोग हो सकेगा।

श्यामा प्रसाद के नाम एआई एवं कंप्यूटर विज्ञान विश्वविद्यालय
भागलपुर में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं कंप्यूटर विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए संबंधित विधेयक को बिहार विधानमंडल में पेश करने की मंजूरी का प्रस्ताव मंत्रिमंडल में स्वीकृत किया है।

विश्वविद्यालय का उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता, कंप्यूटर विज्ञान और नई तकनीकों के क्षेत्र में उच्च शिक्षा, शोध, नवाचार तथा तकनीकी विकास को बढ़ावा देना है, ताकि युवाओं को आधुनिक तकनीकी शिक्षा मिल सके।

6 माह से 3 वर्ष के बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण प्रस्ताव को मंजूरी
सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 योजना के तहत टेक होम राशन के लिए 6 माह से 3 वर्ष के बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाओं तथा अतिकुपोषित बच्चों को बिहार स्टेट मिल्क को-ऑपरेटिव फेडरेशन (कॉम्फेड) के माध्यम से रेडी-टू-ईट,रेडी-टू-कुक प्रीमिक्स पोषाहार उपलब्ध कराने के प्रस्ताव मंत्रिमंडल ने स्वीकृत किया है।

542 आदर्श विद्यालयों के छात्रों को मिलेगी विशेष पोशाक किट
राज्य के 542 सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) के कक्षा 7 से 12 तक के विद्यार्थियों को विशेष पोशाक किट उपलब्ध कराने का प्रस्ताव मंत्रिमंडल ने स्वीकृत किया है

जीविका के माध्यम से प्रति छात्र प्रति वर्ष 6,000 रुपये की लागत से किट दी जाएगी, जिसमें दो सेट पोशाक, टी-शर्ट, ट्राउजर, बेल्ट, टाई, जूते, मौजे, स्वेटर, कैप, ब्लेजर, बंडी और बैग शामिल होंगे। इस योजना पर हर वर्ष 221 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

 

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