Home देश PM मोदी की ‘वॉटर स्ट्राइक’ से पाकिस्तान में कोहराम, इस बड़े अफसर...

PM मोदी की ‘वॉटर स्ट्राइक’ से पाकिस्तान में कोहराम, इस बड़े अफसर ने दिया इस्तीफा, जानिए वजह

116
0
Jeevan Ayurveda

नई दिल्ली
 पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर तगड़ा एक्शन लेते हुए वॉटर स्ट्राइक का फैसला लिया। नरेंद्र मोदी सरकार ने सिंधु जल संधि को सस्पेंड कर दिया, जिससे पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ गईं। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दो टूक कह दिया कि सिंधु जल समझौता कभी बहाल नहीं किया जाएगा। इस फैसले का असर अब पाकिस्तान की राजनीति में भी दिखने लगा है। पाकिस्तान के जल और विद्युत विकास प्राधिकरण (WAPDA) अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल सज्जाद गनी (रिटायर्ड) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
सज्जाद गनी ने क्यों दिया इस्तीफा

बताया जा रहा कि यह इस्तीफा सिंधु जल संधि (IWT) को लेकर नागरिक प्रशासन और सेना के बीच मतभेदों के कारण हुआ है। सूत्रों के अनुसार, WAPDA और पाकिस्तान के जल संसाधन मंत्रालय के भीतर भी मतभेद थे। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने गनी का इस्तीफा मंजूरी के लिए कैबिनेट डिवीजन को भेज दिया है।

Ad

कुछ लोगों का कहना है कि पाकिस्तान का नागरिक प्रशासन सेना के बड़े अधिकारियों को सिंधु जल संधि रोकने के लिए जिम्मेदार ठहरा रहा है। उनका मानना है कि सेना की वजह से ही भारत ने यह कदम उठाया। लेफ्टिनेंट जनरल सज्जाद गनी (रिटायर्ड) को अगस्त 2022 में WAPDA का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।

कौन हैं सज्जाद गनी, जिन्होंने दिया इस्तीफा

सज्जाद गनी एक कश्मीरी हैं। उनके पिता अभिनेता अहमद ताहा गनी हैं। सेना में वह जीओसी 19 DIV (झेलम) थे। 2009 में वह उत्तरी स्वात के मुख्यालय चले गए। स्वात में रहने के दौरान गनी पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे थे। बाद में, उन्होंने पाकिस्तान सेना के 5 कोर कराची (2013-2015) का नेतृत्व किया। कोर कमांडर के रूप में, उन्होंने दक्षिणी पाकिस्तान में ऑपरेशनल तैयारियों की निगरानी की। वह 2016 में सेना से सेवानिवृत्त हुए। गनी को 17 अगस्त, 2022 को कोट अदु पावर कंपनी (KAPCO) के निदेशक मंडल में भी नियुक्त किया गया था।

सिंधु जल संधि पर भारत की पाकिस्तान को खरी-खरी

भारत और पाकिस्तान के रिश्ते 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद बहुत खराब हो गए थे। इसके बाद नई दिल्ली ने सिंधु जल संधि को रोक दिया था। केंद्र सरकार का कहना है कि IWT तब तक रुकी रहेगी, जब तक इस्लामाबाद सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना पूरी तरह से बंद नहीं कर देता। भारत का कहना है कि पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते। इसका मतलब है कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं करता, तब तक सिंधु नदी के पानी पर समझौता सस्पेंड रहेगा।

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here