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संजय यादव पर ‘हरियाणा जाओ’ नारे: करीबी के बचाव में तेजस्वी यादव ने तोड़ी चुप्पी

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पटना 
बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद हालात ऐसे हैं कि भाजपा और जेडीयू की जोरदार जीत से ज्यादा आरजेडी की हार के चर्चे हैं। खासतौर पर तेजस्वी यादव और उनके दो करीबियों संजय यादव और रमीज नेमत खान को लेकर तमाम सवाल उठ रहे हैं। तेजस्वी की बहन रोहिणी आचार्य समेत पार्टी के कई लोगों ने संजय यादव और रमीज को लेकर सवाल उठाए हैं। आरोप हैं कि संजय यादव की सलाह पर ही तेजस्वी सारे फैसले लेते हैं और पार्टी के काडर एवं पुराने नेताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। इस बीच सोमवार को जब हार की समीक्षा और विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए तेजस्वी यादव के आवास पर मीटिंग हुई, तब भी यह मसला उठा।

पटना के 1, पोलो रोड स्थित तेजस्वी के आवास पर मीटिंग से पहले आरजेडी के कुछ कार्यकर्ताओं ने राज्यसभा सांसद संजय यादव के खिलाफ नारेबाजी भी की। संजय यादव हरियाणा जाओ के नारे लगे। इस बीच जब मीटिंग शुरू हुई तो संजय यादव का बचाव करने के लिए तेजस्वी खुद आगे आए। अपने करीबी पर लगातार हो रहे हमलों को लेकर तेजस्वी यादव ने कहा कि संजय ने बहुत मेहनत की है। उन्होंने कहा कि संजय यादव ने पार्टी के लिए जितना मेहनत किया, वह हम जानते हैं। दूसरे लोग इस बारे में नहीं जानते। इस दौरान संजय यादव भी मौजूद थे और सभी नेता चुपचाप सुनते रहे।

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आरजेडी की यह मीटिंग भी कम घटनाक्रम वाली नहीं रही। तेजस्वी यादव ने तो भावुक होकर खुद के विधायक दल का नेता ना बनने तक का प्रस्ताव रख दिया था। उनका कहना था कि यदि आप लोगों को लगता है कि कोई और नेता पार्टी के हितों के लिए ज्यादा बेहतर होगा तो उसे ही चुन लिया जाए। इस पर लालू यादव ने खुद दखल दिया और विधायकों से उन्हें मनाने के लिए कहा। यही नहीं लालू यादव ने इस दौरान परिवार में उपजे विवाद को भी निपटाने की बात कही। उन्होंने विधायकों से कहा कि आप लोग पार्टी को मजबूत करने के लिए प्रयास करें। परिवार के विवाद आंतरिक मसले हैं और इन्हें हम खत्म कर लेंगे।

गौरतलब है कि संजय यादव हरियाणा के रहने वाले हैं, वहीं रमीज नेमत खान यूपी के बलरामपुर के हैं। आरोप है कि तेजस्वी यादव इन्हीं सलाहकारों से घिरे हुए हैं और पार्टी के अन्य अहम लोगों से दूर हो गए हैं। इसके अलावा टिकट बंटवारे में भी इन्हीं लोगों की सलाह पर काम करने का आरोप है। ऐसे में अब जब नतीजे विपरीत आए हैं तो तेजस्वी के दोनों सलाहकार विरोधियों के निशाने पर हैं।

 

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