Home ट्रेंडिंग CM नीतीश को जीविका दीदी ने सुनाई रियल स्टोरी, फ्यूचर प्लान किया...

CM नीतीश को जीविका दीदी ने सुनाई रियल स्टोरी, फ्यूचर प्लान किया शेयर

67
0
Jeevan Ayurveda

मुजफ्फरपुर.

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के सकरा प्रखंड के मोहद्दीपुर की रहने वाली चंदू भारती ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सोमवार को लाइव संवाद किया। यह कार्यक्रम समाहरणालय सभागार में आयोजित किया गया था। चंदू भारती ने जीविका से जुड़ने के बाद अपने जीवन में आए बदलाव की चर्चा की। उन्होंने मुख्यमंत्री को नीतीश भैया कहकर संबोधित किया।

Ad

उन्होंने बताया कि जीविका से जुड़ने के बाद आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त हो रही हैं। नल जल योजना का लाभ मिला, बच्चों को नियमित पोशाक की राशि मिल रही है। दस हजार रुपये उन्हें पिछली बार मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत मिले थे। उन्होंने इसमें कुछ राशि मिलाकर गाय खरीदी और अब इससे रोजगार कर रही हैं। उनका सपना है कि इस योजना से दो लाख रुपये मिलेंगे तो इससे सिलाई सेंटर अपने दरवाजे पर खोलेंगी।

जीविका दीदी ने सीएम को दिया धन्यवाद

कार्यक्रम के दौरान सकरा प्रखंड के महदीपुर निवासी जीविका दीदी चंदू भारती ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री के समक्ष अपना अनुभव साझा किया। सीएम को भैया संबोधित करते हुए इस योजना को महिलाओं के जीवन में बदलाव लाने वाली पहल बताया और सभी जीविका दीदियों की ओर से धन्यवाद दिया।

चंदू भारती ने कहा कि सरकार की इस पहल से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है। वे अब अपने पैरों पर खड़ी होकर परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी संभाल रही हैं। इस योजना से हमारे जैसे लोगों को बहुत फायदा हुआ है

इस योजना से गांव की महिलाओं की स्थिति सुधर रही है। पहले से ज्यादा सशक्त बन रही हैं। अब हमलोग दूसरों के बारे में सोच रहे हैं। पहली बार 10 हजार रुपए मिला तो उसमें कुछ अपना पैसा मिलाकर गाय खरीदी। इससे रोजगार कर रही हूं।

2 लाख रुपए मिलने पर अपने घर पर ही सिलाई सेंटर खोलने की योजना है। यहां गांव की महिलाओं को ट्रेनिंग देकर उन्हें रोजगार मुहैया कराने की कोशिश रहेगी।

महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक जीवन में परिवर्तन

जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने सभी जीविका दीदियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के माध्यम से महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक जीवन में व्यापक परिवर्तन आया है। पहले जो महिलाएं केवल लाभार्थी के रूप में देखी जाती थीं, आज वे सफल उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बना रही हैं। वे न केवल अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध कराकर सामूहिक सशक्तिकरण की मिसाल कायम कर रही हैं।

यह योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ सामाजिक बदलाव का भी प्रतीक है। गांव से लेकर शहर तक महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर नई कहानी गढ़ रही हैं और बिहार की तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। प्रशासन की ओर से जीविका दीदियों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। उनके स्वरोजगार कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।

अब तक भेजी गई राशि का विवरण

योजना के तहत 26 सितंबर 2025 को 3,41,211 लाभार्थियों के खातों में 341.21 करोड़, 3 अक्टूबर 2025 को 97,448 लाभार्थियों को 97.44 करोड़, 24 अक्टूबर 2025 को 1,60,585 महिलाओं के खातों में 160.58 करोड़, 31 अक्टूबर 2025 को 7,548 लाभार्थियों को 7.54 करोड़ रुपए मिले। इसके अतिरिक्त, 28 नवंबर 2025 को 50,547 लाभार्थियों के खातों में 50.54 करोड़ और 11 दिसंबर 2025 को 17,670 लाभार्थियों को 17.67 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई।

यहां पर स्वयं और गांव की महिला और युवतियों को सिलाई का प्रशिक्षण देकर उन्हें भी रोजगार मुहैया कराएंगी।
उन्होंने कहा कि जीविका से जुड़ने के बाद उनकी सोच भी विकसित हुई है। अब वे अपने साथ दूसरे महिलाओं के बारे में भी सोच रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया और कहा कि इस योजना से गांव-गांव की महिलाओं की स्थिति तेजी से सुधर रही है और वे सशक्त बन रही हैं।

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here