Home ट्रेंडिंग रांची: सारंडा में घिरे माओवादी मिसिर बेसरा गुट के कई सदस्य सरेंडर

रांची: सारंडा में घिरे माओवादी मिसिर बेसरा गुट के कई सदस्य सरेंडर

37
0
Jeevan Ayurveda

रांची

 झारखंड के सारंडा जंगल में एक करोड़ के इनामी माओवादी मिसिर बेसरा को पुलिस और सुरक्षाबलों ने चारों ओर से घेर लिया है। जिसके बाद मिसिर बेसरा दस्ते के 15 सदस्यों ने पुलिस के सामने सरेंडर करने का मन बना लिया है। वहीं मिसिर बेसरा की करीबी और मोस्ट वांटेड महिला माओवादी नेता श्रद्धा विश्वास उर्फ बेला को कोलकाता पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। जबकि माधई पात्रा ने कोलकाता में सरेंडर कर दिया।

Ad

कोलकाता पुलिस ने उसे उत्तर काशीपुर थाना क्षेत्र के एक गुप्त स्थान से पकड़ा। गिरफ्तार माओवादी नेता बेला नदिया जिले के चकदह की रहने वाली है।

बेला के खिलाफ झारखंड में दर्ज हैं 23 मामले
बेला के खिलाफ झारखंड में कम से कम 23 मामले लंबित हैं। झारखंड पुलिस ने उस पर 15 लाख रुपए का इनाम रखा था। मंगलवार को गुप्त सूचना के आधार पर उत्तर काशीपुर थाने की पुलिस ने कार्रवाई की और उसे गिरफ्तार कर लिया। बेला झारखंड और पश्चिम बंगाल में माओवादी गतिविधियों के लिए समन्वयक (कोऑर्डिनेटर) का करती थी।

सारंडा में घिरे मिसिर बेसरा गुट के नक्सली पुलिस शरण में
वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सारंडा के मंकी फॉरेस्ट में घिरे मिसिर बेसरा दस्ते के 53 नक्सलियों में से 15 झारखंड पुलिस के शरण में पहुंच गये हैं। सुरक्षा बलों की लगातार घेराबंदी, दबिश और वार्ता की पहल के बाद यह सफलता हाथ लगी है।

कई इनामी नक्सली भी पुलिस के संपर्क में
इन नक्सलियों में माओवादी पोलित ब्यूरो सदस्य एक करोड़ के इनामी मिसिर बेसरा का खासमखास 10 लाख का इनामी जोनल कमांडर अश्विन भी शामिल है। इसके साथ ही 10 लाख का इनामी जोनल कमांडर चंदन लोहरा, पांच लाख का इनामी सबजोनल कमांडर सोहन पुनेई उर्फ रंगा, सबजोनल कमांडर माधई पात्रा, एरिया कमांडर दो लाख की इनामी रजनी मुदगम, एरिया कमांडर सलोनी मुंडा उर्फ पारूल और दस्ता सदस्यों में अनीशा, जेलानी और सपना सहित अन्य नक्सली शामिल हैं।

माधई पात्रा ने किया आत्मसमर्पण
उधर, माधई पात्रा ने समाज की मुख्य धारा में लौटने का फैसला करते हुए कोलकाता पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। वह लंबे समय से बीमार चल रहा था। दावा किया जा रहा है कि वह मिसिर बेसरा से अनुमति लेकर पुलिस की शरण में आया है। पुलिस अधिकारी नक्सलियों के शरण में आने की खबर पर सीधे तौर पर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। संभावना जतायी जा रही है कि इन नक्सलियों से सूचना एकत्र कर पुलिस आगे कुछ और कार्रवाई करे।

 

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here