Home लाइफस्टाइल अमेरिका में पढ़ाई का सपना: जानें क्यों रिजेक्ट हो रहा है स्टूडेंट...

अमेरिका में पढ़ाई का सपना: जानें क्यों रिजेक्ट हो रहा है स्टूडेंट वीजा

13
0
Jeevan Ayurveda

 अमेरिका में अगस्त में फॉल इनटेक के लिए क्लास शुरू हो जाएंगी। जिन भारतीय छात्रों को एडमिशन मिल चुका है, वो अब फ्लाइट पकड़ने की तैयारी कर रहे हैं। कोई पैकिंग कर रहा है, तो कोई स्टूडेंट वीजा के लिए अप्लाई कर रहा है। हालांकि, फिलहाल भारतीय छात्रों के लिए F-1 स्टूडेंट वीजा लेना मुश्किल बना हुआ है।

इसकी मुख्य वजह ये है कि भारतीय छात्रों के लिए स्टूडेंट वीजा का रिजेक्शन रेट 61% रहा है। भारत के साथ-साथ कई देशों के छात्रों के लिए अमेरिका के स्टूडेंट वीजा का रिजेक्शन रेट काफी ज्यादा बढ़ गया है। अमेरिका में जब से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार आई है, तब से ही इमिग्रेशन को लेकर नियम कड़े हुए हैं, जिसका सीधा असर भारतीयों पर पड़ा है।

Ad

स्टूडेंट वीजा आवेदन के लिए आमतौर पर यूनिवर्सिटी से मिले एक्सेप्टेंस लेटर और I-20 फॉर्म की जरूरत पड़ती है। दिक्कत ये है कि कई बार सारे डॉक्यूमेंट होने के बाद भी आवेदन रिजेक्ट हो जाता है। अब यहां सवाल उठता है कि वो कौन सी वजहें हैं, जो रिजेक्शन का कारण बनती हैं। अगर आप भी वीजा के लिए अप्लाई कर रहे हैं, तो फिर ये गलती करने से बचें, ताकि रिजेक्शन की गुंजाइश ही खत्म हो जाए।

किन वजहों से US वीजा रिजेक्शन होता है?
    पैसों की कमी: वीजा इंटरव्यू के दौरान अगर स्टूडेंट ये साबित नहीं कर पाता है कि उसके पास पढ़ाई और रहने का खर्च उठाने के लिए पर्याप्त पैसे हैं, तो वीजा मिलना मुश्किल हो जाता है। स्टूडेंट के पास कम से कम एक साल की पढ़ाई और रहने का खर्च उठाने के लिए पर्याप्त पैसा होना चाहिए।
    घर वापस लौटने का इरादा न होना: वीजा इंटरव्यू के दौरान स्टूडेंट को साबित करना पड़ता है कि वह कोर्स खत्म करने के बाद अपने देश लौट जाएगा। अगर वीजा अधिकारी को लगता है कि स्टूडेंट ऐसा नहीं करेगा और उसका यहां बसने का इरादा है, तो फिर इस आधार पर आवेदन रिजेक्ट हो जाता है।
    दस्तावेजों में गलती: स्टूडेंट वीजा आवेदन के दौरान डॉक्यूमेंट्स में किसी तरह की गलती नहीं करनी चाहिए। अगर डॉक्यूमेंट में दी गई जानकारी I-20 फॉर्म से मेल नहीं खाती, तो इसे आधार बनाकर भी वीजा देने से इनकार किया जा सकता है।
    कोर्स की जानकारी न होना: अगर स्टूडेंट को अपने चुने हुए कोर्स या यूनिवर्सिटी के बारे में सही जानकारी नहीं है और इंटरव्यू के दौरान वह वीजा अधिकारी के सवालों का जवाब नहीं दे पाता है, तो फिर आवेदन रिजेक्ट हो सकता है।
    देरी से आवेदन: अगर कोई स्टूडेंट कोर्स शुरू होने की तारीख के बहुत करीब वीजा के लिए अप्लाई करता है, तो रिजेक्शन की संभावना भी बढ़ जाती है। यही वजह है कि स्टूडेंट्स को अक्सर मई-जून में ही वीजा के लिए आवेदन कर देना चाहिए।

क्या वीजा रिजेक्शन के खिलाफ अपील की जा सकती है?
अमेरिकी कानून में यूएस वीजा रिजेक्शन के खिलाफ अपील करने का कोई नियम नहीं है। अगर वीजा आवेदन रिजेक्ट हो गया, तो फिर वही आखिरी फैसला होगा। हालांकि, अच्छी बात ये है कि रिजेक्शन के बाद भी स्टूडेंट्स वीजा के लिए दोबारा से अप्लाई कर सकते हैं। वीजा रिजेक्शन के तीन दिन बाद दोबारा अप्लाई करने की इजाजत होती है।

स्टूडेंट्स को दोबारा आवेदन करने से पहले ये जरूर चेक करना चाहिए कि उनका आवेदन किन वजहों से रिजेक्ट हुआ था। रिजेक्शन की वजह का पता लगाकर उसे सुधारा जा सकता है। इससे वीजा मिलने की संभावना भी बढ़ जाती है। नए सिरे से आवेदन के दौरान फिर से फीस भरनी होती है।

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here