मुजफ्फरपुर.
बिहार में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने और विमानों के सुरक्षित परिचालन को लेकर नीतीश सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुजफ्फरपुर के पताही समेत राज्य के कुल 20 शहरों में बनने वाले और वर्तमान में चालू एयरपोर्ट के आसपास अब किसी भी तरह के अनियंत्रित निर्माण पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
अब इन चिन्हित हवाई अड्डों के आसपास बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के कोई भी ऊंची इमारत या संरचना नहीं बनाई जा सकेगी। सिविल विमानन विभाग के सचिव डॉ. निलेश रामचंद्र देवरे ने मुजफ्फरपुर समेत राज्य के सभी संबंधित जिलाधिकारियों (DM) को इस बाबत एक आधिकारिक पत्र भेजा है। पत्र में साफ कहा गया है कि विमानों के सुरक्षित टेक-ऑफ और लैंडिंग, हवाई अड्डे की सुरक्षा, रनवे के विस्तार और आधुनिक नेविगेशनल सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए हवाई पट्टियों के आसपास के क्षेत्रों पर पैनी नजर रखी जाए। किसी भी नए निर्माण को मंजूरी देने से पहले विमानन सुरक्षा मानकों और भविष्य की जरूरतों का आकलन करना अनिवार्य होगा।
पताही से उड़ान की उम्मीदें हुईं तेज
हाल ही में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुजफ्फरपुर के पताही हवाई अड्डे पर रनवे और टर्मिनल के निर्माण कार्य को जल्द से जल्द शुरू करने के निर्देश दिए थे। इस निर्देश के बाद से स्थानीय लोगों में मुजफ्फरपुर से हवाई सफर शुरू होने की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। सरकार की इस नई बंदिश को भी इसी तैयारी का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है ताकि भविष्य में बड़े विमानों की आवाजाही में कोई तकनीकी या सुरक्षा संबंधी अड़चन न आए।
इन शहरों में एयरपोर्ट विस्तार का काम
वर्तमान में बिहार के पटना, गयाजी, दरभंगा और पूर्णिया से विमान सेवाएं सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं। इसके अलावा मुजफ्फरपुर के पताही सहित राज्य के 20 अन्य शहरों में एयरपोर्ट और हवाई पट्टियों के विस्तार का काम तेजी से चल रहा है। विभाग के मुताबिक, इन सभी जगहों से भविष्य में कमर्शियल और घरेलू विमानों की उड़ानें संभावित हैं।
टावर और ऊंची इमारतों की निगरानी
विमानन सचिव ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि हवाई मार्ग और रनवे के आसपास विमान परिचालन में बाधा बनने वाले ऊंचे भवनों, मोबाइल टावर या अन्य किसी भी तरह के ऊंचे निर्माण की लगातार निगरानी की जाए। अगर कोई अवैध या बिना अनुमति के ऐसी संरचना खड़ी करता है, तो उस पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।










