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आधार कार्ड पर 3 लाख रुपये लोन का दावा फर्जी, रांची में लिंक भेजकर साइबर ठगी का खुलासा

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रांची
 प्रधानमंत्री ऋण योजना के तहत आधार कार्ड पर हर व्यक्ति को तीन लाख रुपये का ऋण देने का दावा फर्जी है। प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) ने ऐसे दावों को फर्जी बताते हुए लोगों को सावधान किया है। इसके बावजूद इस दावे की आड़ में साइबर अपराधी सक्रिय हैं और लोगों को ऋण दिलाने का झांसा देकर ठगी कर रहे हैं। 

राजधानी रांची में भी ऐसे मामले सामने आने लगे हैं। खासकर छोटे-मोटे कारोबार करने वाले लोगों को साइबर अपराधी निशाना बना रहे हैं। साइबर अपराधी आधार कार्ड पर ऋण दिलाने का दावा करते हुए लोगों को संदेश के माध्यम से फर्जी लिंक भेज रहे हैं। लिंक खोलते ही लोग ठगी का शिकार हो जा रहे हैं और उनके बैंक खाते से कुछ ही समय में रकम गायब हो रही है।

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तीन लाख के ऋण का झांसा देकर भेजा फर्जी लिंक
रातू के एक सब्जी व्यवसायी को किसी व्यक्ति ने बताया कि प्रधानमंत्री ऋण योजना के तहत आधार कार्ड पर तीन लाख रुपये का ऋण मिल रहा है। इसके बाद व्यवसायी के मोबाइल पर संदेश के माध्यम से एक लिंक भेजा गया। तीन लाख रुपये का ऋण मिलने की उम्मीद में व्यवसायी ने लिंक खोल दिया। 

लिंक खोलने के कुछ ही देर बाद उसके बैंक खाते से 61 हजार रुपये की अवैध निकासी हो गई। खाते से रकम निकलने का संदेश मिलने पर व्यवसायी को ठगी का पता चला। उसने लिंक भेजने वाले मोबाइल नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन नंबर बंद मिला।

छोटे कारोबारियों को बना रहे निशाना
पीड़ित सब्जी व्यवसायी ऑटो से अलग-अलग बाजारों में सब्जी ले जाकर बेचता है। साइबर अपराधियों द्वारा ऐसे छोटे कारोबारियों को आसान ऋण का लालच देकर निशाना बनाया जा रहा है। कम आय वाले लोगों को कम कागजी कार्रवाई में बड़ी रकम का ऋण दिलाने का झांसा देकर फर्जी लिंक भेजे जा रहे हैं।

पीआईबी ने दावे को बताया फर्जी
प्रेस सूचना ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि आधार कार्ड के आधार पर हर व्यक्ति को तीन लाख रुपये का ऋण देने की ऐसी कोई सार्वभौमिक योजना नहीं है। लोगों से अपील की गई है कि इंटरनेट या संदेश के माध्यम से मिलने वाले ऐसे दावों पर विश्वास न करें और किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करें। 

सब्जी व्यवसायी को साइबर अपराध थाना में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है। पुलिस से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि अनजान संदेश, लिंक या फोन के माध्यम से बैंक संबंधी जानकारी साझा करने से बचें।

रांची
 प्रधानमंत्री ऋण योजना के तहत आधार कार्ड पर हर व्यक्ति को तीन लाख रुपये का ऋण देने का दावा फर्जी है। प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) ने ऐसे दावों को फर्जी बताते हुए लोगों को सावधान किया है। इसके बावजूद इस दावे की आड़ में साइबर अपराधी सक्रिय हैं और लोगों को ऋण दिलाने का झांसा देकर ठगी कर रहे हैं। 

राजधानी रांची में भी ऐसे मामले सामने आने लगे हैं। खासकर छोटे-मोटे कारोबार करने वाले लोगों को साइबर अपराधी निशाना बना रहे हैं। साइबर अपराधी आधार कार्ड पर ऋण दिलाने का दावा करते हुए लोगों को संदेश के माध्यम से फर्जी लिंक भेज रहे हैं। लिंक खोलते ही लोग ठगी का शिकार हो जा रहे हैं और उनके बैंक खाते से कुछ ही समय में रकम गायब हो रही है।

तीन लाख के ऋण का झांसा देकर भेजा फर्जी लिंक
रातू के एक सब्जी व्यवसायी को किसी व्यक्ति ने बताया कि प्रधानमंत्री ऋण योजना के तहत आधार कार्ड पर तीन लाख रुपये का ऋण मिल रहा है। इसके बाद व्यवसायी के मोबाइल पर संदेश के माध्यम से एक लिंक भेजा गया। तीन लाख रुपये का ऋण मिलने की उम्मीद में व्यवसायी ने लिंक खोल दिया। 

लिंक खोलने के कुछ ही देर बाद उसके बैंक खाते से 61 हजार रुपये की अवैध निकासी हो गई। खाते से रकम निकलने का संदेश मिलने पर व्यवसायी को ठगी का पता चला। उसने लिंक भेजने वाले मोबाइल नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन नंबर बंद मिला।

छोटे कारोबारियों को बना रहे निशाना
पीड़ित सब्जी व्यवसायी ऑटो से अलग-अलग बाजारों में सब्जी ले जाकर बेचता है। साइबर अपराधियों द्वारा ऐसे छोटे कारोबारियों को आसान ऋण का लालच देकर निशाना बनाया जा रहा है। कम आय वाले लोगों को कम कागजी कार्रवाई में बड़ी रकम का ऋण दिलाने का झांसा देकर फर्जी लिंक भेजे जा रहे हैं।

पीआईबी ने दावे को बताया फर्जी
प्रेस सूचना ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि आधार कार्ड के आधार पर हर व्यक्ति को तीन लाख रुपये का ऋण देने की ऐसी कोई सार्वभौमिक योजना नहीं है। लोगों से अपील की गई है कि इंटरनेट या संदेश के माध्यम से मिलने वाले ऐसे दावों पर विश्वास न करें और किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करें। 

सब्जी व्यवसायी को साइबर अपराध थाना में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है। पुलिस से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि अनजान संदेश, लिंक या फोन के माध्यम से बैंक संबंधी जानकारी साझा करने से बचें।

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