Home ट्रेंडिंग ‘12 घंटे बाहर काम, शाम को जेल वापसी’, झारखंड में कैदियों के...

‘12 घंटे बाहर काम, शाम को जेल वापसी’, झारखंड में कैदियों के लिए नई व्यवस्था की तैयारी

11
0
Jeevan Ayurveda

 रांची

झारखंड सरकार और जेल प्रशासन ने राज्य में जेल सुधारों के तहत एक नई व्यवस्था को लागू करने का फैसला लिया है. इस नई व्यवस्था के तहत कैदियों को रोजगार से जोड़ा जाएगा. कैदियों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके परिवारों को आर्थिक सहायता देने की दिशा में यह कदम उठाया गया है। 

Ad

दरअसल, इस व्यवस्था के तहत अच्छे आचरण वाले कुछ चुनिंदा कैदियों को सुबह 6 या 7 बजे से शाम तक बाहर जाकर काम करने की अनुमति होगी. बशर्ते उन्हें 12 घंटे के अंदर यानि शाम तक जेल में वापस लौटना होगा. खास बात ये है कि इसका लाभ सभी कैदियों को नहीं मिलेगा. सिर्फ उन्हीं कैदियों को इसका लाभ मिलेगा जिनका आचरण अच्छा होगा. इसके लिए एक SOP तैयार किया जाएगा. और जिन कैदियों का ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा होगा उन्हें बाहर जाकर काम करने की अनुमति होगी। 

अगर कैदी नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल इस पूरी व्यवस्था को लेकर SOP तैयार किया जा रहा है. SOP के बाद ही कुछ साफ हो पाएगा। 

फिलहाल राज्य की चार जेलों में इस व्यवस्था की शुरुआत करने की तैयारी है. जेल IG सुदर्शन मंडल के मुताबिक, जिन जेलों में यह व्यवस्था शुरू करने पर विचार किया जा राह है वह शहरी क्षेत्रों में हैं. इस योजना का लक्ष्य कैदियों को रोजगार देना और आत्मनिर्भर बनाना है। 

इन जेलों में शुरू होगी व्यवस्था
हेमंत सोरेन सरकार फिलहाल राज्य के चार केंद्रीय जेलों में इस व्यवस्था को लागू करने की तैयारी कर रही है. बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार, रांची स्थित जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारागार, हजारीबाग स्थित घाघीडीह केंद्रीय कारागार और पूर्वी सिंहभूम स्थित दुमका केंद्रीय कारागार में इस व्यवस्था को लागू किए जाने को लेकर तैयारी जारी है. इन जेलों में ऐसे बैरक की पहचान की जा चुकी है, जिन्हें ओपन या सेमी-ओपन बैरक में बदला जा सकता है. सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य कैदियों को जेल से बाहर करने की अनुमति देना नहीं बल्कि उन्हें रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है। 

झारखंड कारा एवं सुधारात्मक सेवा अधिनियम, 2025 में ओपन करेक्शनल इंस्टीट्यूशन यानी OCI स्थापित करने का प्रावधान किया गया है. इसका उद्देश्य जेल कैदी को जेल से निकलने के बाद पुनर्वास और रोजगार देना है. ताकि वे अपने परिवार के साथ एक सामान्य जीवन जी सकें। 

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here