Home ट्रेंडिंग झारखंड में किसानों के लिए बड़ी राहत, सिर्फ 1 रुपये में रबी...

झारखंड में किसानों के लिए बड़ी राहत, सिर्फ 1 रुपये में रबी फसल बीमा का रजिस्ट्रेशन शुरू

12
0
Jeevan Ayurveda

रांची
 बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी सीजन की फसल के लिए बीमा के निबंधन का कार्य प्रारंभ हो गया है। इस बार भी किसानों को मात्र एक रुपये में फसल बीमा का लाभ दिया जाए रहा है। राज्य में करीब 18 लाख किसान हैं। सबसे ज्यादा खरीफ सीजन की फसल का बीमा होता है।

इस वर्ष खरीफ सीजन के दौरान कुल 17.54 लाख किसानों ने फसल बीमा कराया है। उनकी ओर से मात्र एक रुपये के हिसाब से बीमा का प्रीमियम 17.54 लाख रुपये दिया गया है। जबकि सरकार की ओर से 225.76 करोड़ और केंद्र की ओर से 58.48 करोड़ दिए गए हैं।

Ad

इसी तरह पिछले वर्ष रबी की फसल बीमा में किसानों की भागीदारी की बात करें तो मात्र 2.65 लाख किसानों ने पंजीयन कराया था। इस वर्ष सरकार ने 49.12 करोड़ रुपये और केंद्र की ओर से 21.09 करोड़ रुपये प्रीमियम दिया गया था।

इस बार एक माह पहले शुरू हुआ अभियान
कृषि विभाग के सहकारिता विभाग की ओर से इस बार पहली अक्टूबर से ही बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को प्रेरित किया जा रहा है। पहले यह नवंबर माह से शुरू होता था। जिसके चलते कई बार पंजीयन की तिथि बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार को बार-बार पत्र लिखना पड़ता था।

इस परेशानी से बचने के लिए सहकारिता विभाग की ओर से इस बार अक्टूबर से किसानों का पंजीयन प्रारंभ कर दिया गया है। सहकारी समितियों के निबंधक शशि रंजन ने बताया कि इस बार रबी फसल बीमा में पंजीयन कराने वाले किसानों की संख्या में वृद्धि करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए किसानों के बीच प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है।
इन फसलों का कराया जाएगा बीमा

बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी सीजन की फसल गेहूं, चना, राई-सरसों एवं आलू फसलों को अधिसूचित किया गया है। अधिक से अधिक पात्र किसानों को इस योजना से जोड़ने के लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार एवं जागरूकता की गतिविधियां संचालित की जा रही है। इस बार विभाग की ओर से विशेष रूप से राज्य के गैर-ऋणी किसानों तक योजना की जानकारी पहुंचाने तथा उन्हें फसल बीमा के दायरे में लाने पर जोर दिया जा रहा है।

डिजिटल क्राप सर्वे में तेजी लाने का निर्देश, 15 अक्टूबर तक बढ़ी तिथि
राज्य में खरीफ सीजन का अभी तक मात्र 21.97 फीसदी ही डिजिटल क्राप का सर्वे हुआ है। जिसको देखते हुे विभाग ने सभी जिलों उपायुक्तों को इस अभियान में तेजी लाने का निर्देश दिया है। 15 अगस्त से शुरू हुए सर्वे में अब तक राज्य में सर्वे के लिए चिह्नित 2.61 करोड़ प्लाट में से करीब 57.29 लाख प्लाट का ही सर्वे पूरा हो पाया है। जिसमें से 25.48 लाख प्लाट का सर्वे स्वीकृत हुआ है।

सर्वे की धीमी प्रगति को देखते हुए कृषि विभाग ने सभी उपायुक्तों को काम में तेजी लाने का निर्देश दिया है। राज्य सरकार के आग्रह के बाद डिजिटल क्राप सर्वे की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 अक्टूबर कर दी गई है।

गांवों में होना है डिजिटल क्राप सर्वे
कृषि विभाग की 30 सितंबर की जिला वार रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के 32,739 गांवों को डिजिटल क्राप सर्वे के लिए चिह्नित किया गया है। राज्य के 263 प्रखंडों में कुल 2,60,75,447 प्लाट का सर्वे होना है। इसके लिए 26,943 सर्वेयर पंजीकृत किए गए हैं।

इनमें 20,901 सर्वेयर पंजीकृत होकर काम कर रहे हैं, जबकि 6,042 सीएससी सर्वेयर भी पंजीकृत हैं। सचिव ने सभी उपायुक्तों को अपने-अपने जिलों में डिजिटल क्राप सर्वे की नियमित निगरानी करने को कहा है। इसके अलावा कृषि विभाग, सीएससी कर्मियों और फील्ड स्टाफ के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया है।

क्या है डिजिटल क्राप सर्वे
डिजिटल क्राप सर्वे खेतों में लगाई जा रही फसल का डिजिटल रिकार्ड तैयार करने की व्यवस्था है। तकनीक की मदद से खेत की लोकेशन, क्षेत्रफल और उसमें लगाई फसल की जानकारी दर्ज की जाती है।

इससे सरकार को फसल क्षेत्र और उत्पादन से जुड़े आंकड़े समय पर उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। इन आंकड़ों का इस्तेमाल फसल बीमा, कृषि योजनाओं, आपदा राहत, इनपुट वितरण और किसानों को लक्षित सरकारी सहायता जैसी व्यवस्थाओं में किया जा सकता है।

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here