नई दिल्ली
आईआईटी में एंट्री दिलाने वाली प्रवेश परीक्षा जेईई एडवांस्ड 2026 के चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। IIT रुड़की की ओर से जारी जॉइंट इम्प्लीमेंटेशन कमिटी (JIC) की रिपोर्ट के मुताबिक जेईई एडवांस्ड 2026 में एससी वर्ग के उम्मीदवारों की सफलता की दर में 9.8 फीसदी और एसटी उम्मीदवारों की सफलता की दर में 8.1 प्रतिशत अंकों की बढ़ोतरी हुई है। वहीं महिलाओं का क्वालिफिकेशन रेट 23.4 फीसदी रहा, जो पिछले छह सालों में सबसे ज्यादा है। पिछले साल जहां SC वर्ग के 40.41 प्रतिशत अभ्यर्थी पास हुए थे, वहीं इस बार यह आंकड़ा उछलकर 50.16% पर पहुंच गया है। यानी परीक्षा में बैठने वाला हर दूसरा SC अभ्यर्थी पास हुआ है। कुल 15,856 SC छात्र क्वालीफाई हुए हैं।
सफलता की दर में जनरल कैटेगरी से आगे निकले एससी एसटी वर्ग के छात्र
जेईई एडवांस्ड 2026 में जनरल कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए क्वालिफिकेशन रेट 3.2 प्रतिशत अंक गिरकर 39.8 फीसदी पर आ गई है। वहीं OBC-NCL (अन्य पिछड़ा वर्ग-नॉन-क्रीमी लेयर) के लिए यह 0.7 प्रतिशत अंक गिरकर 17.5% हो गया। इसका मतलब है कि SC उम्मीदवारों की सफलता दर जनरल से 10.36 प्रतिशत अंक अधिक रही। वहीं ST कैटेगरी की क्वालिफिकेशन दर भी 42.14% रही, जो जनरल से ज्यादा है। यह पिछले साल 33.99% था।
इस साल रजिस्टर्ड SC उम्मीदवारों में से लगभग हर दूसरे उम्मीदवार और ST उम्मीदवारों में से पांच में से दो से ज्यादा उम्मीदवार क्वालिफाई हुए, जबकि पिछले साल SC उम्मीदवारों में पांच में से लगभग दो और ST उम्मीदवारों में तीन में से एक उम्मीदवार क्वालिफाई हुआ था। कुल मिलाकर 56880 उम्मीदवार क्वालिफाई हुए जिनमें 15856 SC और 6379 एसटी उम्मीदवार शामिल हैं, 2025 में यह संख्या एससी में 12499 और एसटी में 5008 थी।
बेटियां का जलवा, 6 सालों में सर्वाधिक पास
महिलाओं का क्वालिफिकेशन रेट 2025 के 21.7% से बढ़कर 23.4% हो गया, जो रिपोर्ट में शामिल 2021-2026 की अवधि में सबसे अधिक है। इस साल रजिस्टर्ड महिला उम्मीदवारों में से लगभग हर चौथी महिला उम्मीदवार क्वालिफाई हुई, जबकि पिछले साल यह संख्या पांच में से लगभग एक थी।
जनरल कैटेगरी वाले घटे
जनरल कैटेगरी में क्वालिफाई करने वालों की संख्या 2025 के 16154 से घटकर इस साल 15883 हो गई, और क्वालिफिकेशन रेट 43% से गिरकर 39.8% हो गया।
EWS का प्रदर्शन बेहतर हुआ
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के क्वालिफाई करने वालों की संख्या 6291 से बढ़कर 6377 हो गई। क्वालिफिकेशन रेट लगभग 21 फीसदी पर स्थिर रहा, जबकि पिछले साल यह 21.6% था।
OBC-NCL का प्रदर्शन गिरा
OBC-NCL के क्वालिफाई करने वालों की संख्या 12606 से घटकर 12385 हो गई और क्वालिफिकेशन रेट 18.2% से घटकर 17.5% हो गया।
इस बार क्वालिफाइंग मार्क्स बढ़े थे
ये बदलाव तब हुए जब सभी कैटेगरी में क्वालिफाइंग मार्क्स बढ़ा दिए गए थे। कॉमन रैंक लिस्ट (CRL) के क्वालिफाइंग मार्क्स पिछले साल के 74 से बढ़कर 360 में से 92 हो गए, यानी 18 मार्क्स की बढ़ोतरी हुई। CRL वह ओवरऑल मेरिट लिस्ट है जो उम्मीदवारों के कुल मार्क्स के आधार पर तैयार की जाती है, चाहे उनकी कैटेगरी कोई भी हो।
जेईई एडवांस्ड में जनरल कैटेगरी का कट-ऑफ या क्वालिफाइंग मार्क्स 74 से बढ़कर 92 हो गया। OBC-NCL और GEN-EWS के लिए ये 66 से बढ़कर 82 हो गए। SC और ST का कट-ऑफ 37 से बढ़कर 46 हो गया।
रिपोर्ट में कहा गया है, 'क्वालिफ़ाइंग क्राइटेरिया में इसलिए ढील दी गई ताकि यह पक्का किया जा सके कि हर कैटेगरी में उपलब्ध सीटों की तुलना में कम से कम दोगुने उम्मीदवार क्वालिफाई करें।'
इस बार बेटियों का रजिस्ट्रेशन कम लेकिन सक्सेस रेट ज्यादा
रजिस्टर करने वाली 43112 महिलाओं में से 40562 दोनों पेपर में शामिल हुईं और 10,107 ने क्वालिफाई किया। हालांकि 2025 में रजिस्ट्रेशन की संख्या 43413 से थोड़ी कम थी, लेकिन क्वालिफिकेशन रेट 2025 के 21.7% से बढ़कर 2026 में 23.4% हो गया । यह पिछले साल के मुकाबले 1.7 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी है और 2021 से 2026 के बीच के छह सालों में सबसे ज्यादा है।
IIT में फाइनल सीट अलॉटमेंट में 3814 महिलाएं शामिल थीं, जो अलॉट की गई कुल 18861 सीटों का लगभग 20.2 फीसदी है। 37 महिलाओं ने जेंडर-न्यूट्रल पूल के जरिए सीटें हासिल कीं। बाकी 3777 महिलाओं को सिर्फ महिलाओं के लिए बनी सुपरन्यूमरेरी सीटों के जरिए एडमिशन मिला।









