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रांची में पेट्रोल-डीजल संकट गहराया, 60% पेट्रोल पंप बंद; ब्लैक में बिक रहा ईंधन

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 रांची

शहर में पेट्रोल-डीजल की किल्लत अब गंभीर रूप लेती जा रही है। रविवार को शहर के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिली, जबकि करीब 60 प्रतिशत पेट्रोल पंप बंद रहे। हालात ऐसे हो गए कि कई पंपों पर उपभोक्ताओं को केवल 200 रुपये तक का पेट्रोल और अधिकतम 2000 रुपये तक का डीजल ही दिया गया।

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इससे आम लोगों के साथ-साथ व्यावसायिक वाहनों के चालकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं पेट्रोल पंप बंद होने के कारण शहर में बढ़ते पेट्रोल-डीज की कीमतों को लोगों में असर नहीं पड़ रहा है। लोग बढ़े हुए कीमत पर चर्चा तक नहीं कर रहे है

पेट्रोल पंप संचालकों की बड़ी भूमिका
वहीं ब्लैक में पेट्रोल चौक-चौराहों पर लगभग 115 से 120 रुपये लीटर बिक रहा है, जबकि रांची में पेट्रोल की कीमत 100.86 रुपये है। वहीं डीजल की कालाबाजारी औद्योगिक क्षेत्रों में जारी है, शहर में पेट्रोल-डीजल की कालाबाजारी को बढ़ावा देने में सबसे बड़ी भूमिका पेट्रोल पंप संचालकों की है। शहर के पेट्रोल पंप संचालक ही दलालों को डब्बा व गैलन में पेट्रोल-डीजल भर-भर कर दे रहे है।

चौक-चौराहों पर खुलेआम ब्लैक में बिक रहा पेट्रोल
शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर बोतलों और गैलनों में पेट्रोल-डीजल खुलेआम ब्लैक में बिकता नजर आया। कई जगहों पर सामान्य कीमत से अधिक दर पर ईंधन बेचा जा रहा है। ईंधन संकट का फायदा उठाकर कई लोग पेट्रोल और डीजल को पहले से जमा कर अब अधिक कीमत पर बेच रहे हैं।

सामान्य दिनों में जहां पेट्रोल निर्धारित दर पर मिलता है, वहीं संकट के बीच बोतल में भरकर 20 से 40 रुपये प्रति लीटर तक अतिरिक्त वसूली की जा रही है। मजबूरी में लोग अधिक कीमत देकर भी पेट्रोल खरीदने को विवश हैं। इधर पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने बताया कि पेट्रोल डिपो से नहीं मिलने के कारण शहर में तेजी से अधिकांश पेट्रोल पंप ड्राई हो रहे है।

दोपहर बाद सूने पड़ गए कई पेट्रोल पंप
सुबह के समय शहर के कई पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ रही, लेकिन दोपहर बाद अधिकांश पंपों में या तो स्टॉक खत्म हो गया या फिर भीड़ कम हो गई। शाम होते-होते कई पंप निर्धारित समय से पहले ही बंद कर दिए गए। इससे देर शाम यात्रा करने वाले लोगों को और अधिक परेशानी उठानी पड़ी।

स्थानीय दुकानदारों और वाहन चालकों का कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते कालाबाजारी पर रोक नहीं लगाता है तो स्थिति और बिगड़ सकती है।

लोगों ने जिला प्रशासन और आपूर्ति विभाग से मांग की है कि पेट्रोल-डीजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ ब्लैक मार्केटिंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।

 

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